दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन ने जिस फैसले पर भरोसा किया था, वही अब उसके लिए सवाल बनता नजर आ रहा है। टीम ने अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर को लगातार दूसरे मुकाबले में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा, लेकिन फाइनल में उतरते ही शीर्षक्रम की तस्वीर कुछ ऐसी बनी कि नायर की गैरमौजूदगी चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है।
सबसे चौंकाने वाला फैसला रिकी भुई से ओपनिंग कराने का रहा। भुई ने अपने 90 प्रथम श्रेणी मैचों में सिर्फ तीन बार पारी की शुरुआत की थी और फाइनल में भी वह महज एक रन बनाकर लौट गए। दूसरी ओर, टीम से बाहर होने के बाद बंगलूरू पहुंचे नायर ने थिम्मापैया ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक ठोक दिया। ऐसे में चेन्नई में साउथ जोन के विकेट गिरते गए तो सवाल भी तेज होता गया कि क्या फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम संयोजन के नाम पर करुण नायर को बाहर रखना वाकई सही फैसला था, या चयन में ऐसी चूक हुई जिसका खामियाजा टीम को मैदान पर भुगतना पड़ रहा है?

