Inherited Heart Disease: हाल के वर्षों में कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले सामने आने के बाद लोगों के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर किन लोगों में हार्ट अटैक का खतरा दूसरों की तुलना में ज्यादा रहता है? क्या परिवार में किसी करीबी को हार्ट अटैक या हृदय संबंधी बीमारी होने का असर बच्चों पर भी पड़ सकता है?
आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री होने से हार्ट अटैक का खतरा कितना बढ़ सकता है, किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसी स्थिति में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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माता-पिता को कम उम्र में पड़ा हार्ट अटैक तो क्या बच्चों को भी खतरा?
– फोटो : AI
माता-पिता से बच्चों में आ सकता है हार्ट डिजीज का जोखिम?
हृदय रोग सीधे तौर पर हमेशा माता या पिता से बच्चों में नहीं आता, लेकिन कुछ आनुवंशिक कारणों की वजह से इसका जोखिम बढ़ सकता है। परिवार में अगर कम उम्र में हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज या बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है, तो व्यक्ति में भी भविष्य में हृदय रोग का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है।
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि परिवार में किसी को हार्ट अटैक हुआ है तो दूसरे सदस्य को भी जरूर होगा। हालांकि, ऐसी फैमिली हिस्ट्री को एक महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर माना जाता है।

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माता-पिता को कम उम्र में पड़ा हार्ट अटैक तो क्या बच्चों को भी खतरा?
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किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
अगर माता-पिता, भाई या बहन को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है, तो ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। परिवार में बार-बार कम उम्र में हार्ट डिजीज के मामले सामने आ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेकर समय-समय पर जरूरी जांच कराना फायदेमंद हो सकता है।

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माता-पिता को कम उम्र में पड़ा हार्ट अटैक तो क्या बच्चों को भी खतरा?
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जेनेटिक कनेक्शन को क्यों समझना जरूरी है?
कुछ आनुवंशिक स्थितियां शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL के स्तर को काफी बढ़ा सकती हैं। इसका एक उदाहरण फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया है। ऐसी स्थिति में कम उम्र में ही धमनियों में प्लाक जमा होने और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री को सिर्फ एक पुरानी बीमारी मानकर भूलना सही नहीं है। अपने परिवार की मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रखना और डॉक्टर को उसके बारे में बताना हृदय रोग के जोखिम को समझने में मदद कर सकता है।

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परिवार में हार्ट अटैक की हिस्ट्री हो तो क्या करें?
ऐसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसे जरूरी स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी रखें। इसके साथ ही संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और धूम्रपान से दूरी जैसी आदतें अपनाना भी दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
सबसे जरूरी बात यह है कि परिवार में हार्ट अटैक की हिस्ट्री को अपनी मेडिकल हिस्ट्री का हिस्सा समझें और डॉक्टर से जांच व स्क्रीनिंग के बारे में उचित सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


