संगरूर के दिड़बा हलके के गांव तूरबंजारा में नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत हो गई है। परिजनों ने सार्वजनिक अपमान और पुलिस द्वारा माफी मांगने के दबाव को उनकी मौत का कारण बताया है। यह घटना वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की जनसभा के दौरान हुई।
गांव तूरबंजारा में रविवार को वित्त मंत्री की जनसभा थी। गुलजार सिंह ने इलाके में फैल रहे नशे के कारोबार पर अपनी बात रखनी चाही। उन्हें सभा में चुप कराकर बाहर निकाल दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस प्रशासन ने भी उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया।
इस अपमान और दबाव से आहत होकर गुलजार सिंह ने सोमवार दोपहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले संगरूर, फिर पटियाला और अंत में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाया गया। सोमवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


