अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर ने रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में बैठक की। यह यूक्रेन की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। दोनों रूस के साथ जंग को खत्म करने की नई कोशिश के तहत यूक्रेन पहुंचे हैं। बातचीत को उन्होंने ‘उत्साह बढ़ाने वाली’ बताया।
शांति की कोशिश क्यों धीमी पड़ी?
ट्रंप प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच जंग खत्म कराने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यह कोशिश अब धीमी पड़ गई है। पिछले छह महीनों से ईरान युद्ध पर ज्यादा ध्यान रहा है। अमेरिकी दूतों ने यूक्रेन यात्रा से एक दिन पहले मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इसी बीच दोनों पक्षों ने हवाई हमले और तेज कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच चार साल से ज्यादा समय से युद्ध चल रहा है।
I thank U.S. President’s envoys Steve Witkoff @SEPeaceMissions and Jared Kushner @jaredkushner for their visit to Kyiv. We had a good conversation – several rounds already – and we will continue talking today. The main thing is to achieve peace for Ukraine – a dignified,… pic.twitter.com/IZGEfa3EMt
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) September 6, 2026
यूक्रेन में हालात कैसे हैं?
रूस हाल में तेज रफ्तार वाले जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। कीव में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन अब रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। 1,250 किलोमीटर लंबी सीमा पर रूस और यूक्रेन के सैनिक लड़ रहे हैं। लेकिन दोनों में से कोई भी पक्ष ज्यादा आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
जेलेंस्की ने कितनी बार बातचीत की?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को अमेरिकी दूतों के साथ तीन दौर की बातचीत की। आखिरी दौर की बातचीत में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए।
यूक्रेन को अमेरिका से क्या चाहिए?
जेलेंस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बातचीत में यूक्रेन की वायु रक्षा (एयर डिफेंस) जरूरतों पर चर्चा हुई। इसमें पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भी शामिल है। सर्दियों से पहले मदद के लिए एक ‘विंटर पैकेज’ पर भी बात हुई। इसमें वायु रक्षा और ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा दोनों शामिल हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को इस मामले में अमेरिका से बड़ी मात्रा में मदद चाहिए। यूरोपीय देश भी इसमें साथ दे रहे हैं।
पैट्रियट मिसाइलों का क्या होगा?
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका अगले साल पैट्रियट मिसाइलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। जर्मनी भी मौजूदा लाइसेंस समझौतों के तहत अपना उत्पादन बढ़ा रहा है।
रूस पर जेलेंस्की ने क्या आरोप लगाया?
जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह रूस की स्टेट ड्यूमा के इस महीने होने वाले चुनाव से पहले किया जा रहा है। जेलेंस्की ने इन हमलों को आम लोगों के खिलाफ जानबूझकर किया गया ‘आतंक’ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन 67 घरेलू कंपनियों के साथ काम कर रहा है। ये कंपनियां रूस के जेट इंजन वाले ड्रोन को बड़े स्तर पर गिराने वाली तकनीक बना रही हैं।
क्या जमीन को लेकर बात हुई?
जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्र से जुड़ा सवाल अभी भी अहम है। लेकिन उन्होंने अपना पुराना रुख दोहराया। उनके मुताबिक ऐसे मुश्किल मुद्दों का हल सिर्फ दोनों देशों के नेताओं के स्तर पर हो सकता है। बातचीत में यूक्रेन की लंबे समय की सुरक्षा और युद्ध के बाद देश को फिर से बनाने के लिए आर्थिक मदद पर भी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की मजबूत सेना सुरक्षा की मुख्य गारंटी में से एक है।
अगली बैठक कब होगी?
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन, अमेरिका और यूरोप के बीच अगली बैठक करने पर सहमति बनी है। हालांकि, बैठक कहां होगी यह अभी तय नहीं हुआ है।
अमेरिका शांति कैसे चाहता है?
विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष का हल बातचीत और कूटनीति से चाहता है। वह लड़ाई के जरिये समाधान नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि मॉस्को में एक दिन पहले हुई बैठक में कुछ नए विचार सामने आए थे। इन्हें बाद में कीव में हुई बातचीत में रखा गया।
उन्होंने फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मौजूदगी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक किसी समझौते तक पहुंचने के लिए सभी का साथ मिलकर काम करना जरूरी है। विटकॉफ ने कहा कि दोनों पक्षों को कुछ समझौते करने होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि समझौते तक पहुंचने के लिए जरूरी चीजें मौजूद हैं।
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रूस पर दबाव बढ़ाएगा अमेरिका?
जब विटकॉफ से पूछा गया कि अगर बातचीत से कोई बड़ी सफलता नहीं मिली तो क्या अमेरिका रूस पर दबाव बढ़ाएगा, तो कुशनर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसा रास्ता तलाश रहा है जिसमें दोनों पक्षों के लिए फायदा हो।
कुशनर ने कहा कि उनके ससुर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ लड़ाई खत्म करना नहीं चाहते। वह ऐसा ढांचा बनाना चाहते हैं, जिससे लंबे समय तक शांति बनी रहे। कुशनर ने कहा कि उन्होंने और विटकॉफ ने एक दिन पहले पुतिन के साथ रचनात्मक और गंभीर बातचीत की। इसमें चर्चा हुई कि समझौते से रूस, यूक्रेन और बाकी दुनिया को क्या फायदा हो सकता है।
क्या रूस-यूक्रेन सीधी बातचीत फिर होगी?
कुशनर ने कहा कि दोनों दूत रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत फिर शुरू करना चाहते हैं। इस तरह की तीन पक्षों वाली बातचीत करीब छह महीने पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। यात्राओं के बीच भी लगभग हर दिन बातचीत होती है।
मॉस्को की बैठक में क्या हुआ?
शनिवार को मॉस्को में पुतिन के साथ बैठक तीन घंटे से ज्यादा चली। बंद कमरे में हुई इस बैठक के बाद किसी बड़ी कामयाबी की घोषणा नहीं की गई। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बातचीत को रचनात्मक, साफ और उपयोगी बताया। लेकिन उन्होंने इसके खास नतीजे नहीं बताए।


