पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म कराने के लिए हाईकमान ने भूपेश बघेल को प्रभारी बनाकर भेजा था। बघेल ने भी संगठन को साधने के लिए दो चरणों में कवायद की। पहले चरण में करीब एक सप्ताह पंजाब में रहकर उन्होंने अलग-अलग खेमों के नेताओं से मुलाकात कर उनके बीच की नाराजगी समझने और संवाद का रास्ता निकालने का प्रयास किया।
दूसरे चरण में उन्होंने ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाने की कोशिश की। बघेल की दोनों चरणों की कवायद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं कर पाई हालांकि, इस पूरी कवायद के दौरान जिस तरह गुटबाजी बघेल की जनसभा में मंचों तक पहुंची, उससे साफ हो गया कि कांग्रेस के भीतर की खाई आसानी से भरने वाली नहीं है।