भाषा अलग होने की वजह से बातचीत में आने वाली परेशानी को कम करने के लिए गूगल ने अपने ट्रांसलेट एप के लाइव ट्रांसलेट फीचर को अपग्रेड कर दिया है। अब इस नए अपडेट के बाद एंड्रॉयड और आईओएम यूजर्स रियल-टाइम में दोतरफा बातचीत का ऑडियो ट्रांसलेशन कर सकेंगे। आइए जानते हैं इस नए अपग्रेड और 70 से अधिक भाषाओं के सपोर्ट, बैकग्राउंड प्लेबैक और इसे इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में विस्तार से।
गूगल ने अपने बहुचर्चित गूगल ट्रांसलेट एप के लाइव ट्रांसलेट फीचर को पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और एडवांस्ड बना दिया है। इस नए अपडेट के बाद एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स बिना किसी परेशानी के रियल-टाइम में दोतरफा बातचीत का ऑडियो अनुवाद सुनने के साथ-साथ स्क्रीन पर लाइव टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन भी देख सकेंगे। गूगल का यह नया अपडेट उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, जो अक्सर यात्रा करते हैं या ऐसी जगह पर रहते व काम करते हैं, जहां बहुभाषी लोगों का वातावरण हो।

70 से ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट और जेमिनी एआई की ताकत
- गूगल के अनुसार, लाइव ट्रांसलेट फीचर में अब 70 से ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट भी शामिल कर दिया गया है। इसमें हिंदी, तमिल, अरबी, फ्रेंच, कोरियन और स्पैनिश जैसी दुनिया की प्रमुख भाषाएं शामिल हैं।
- इसी के साथ जेमिनी मॉडल की मदद से यह एप एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या भीड़भाड़ वाले कैफे जैसे शोर-शराबे वाले स्थानों में भी बैकग्राउंड नॉइज को अपने आप कम करने की क्षमता रखता है। इतना ही नहीं यह एआई मॉडल यूजर के बोलने के लहजे, टोन और बातचीत के दौरान आने वाले पॉज यानी रुकने को भी सटीक रूप से पहचान सकता है।
खास बात यह भी है कि लाइव ट्रांसलेट सिर्फ आपको ट्रांसलेट की गई लैंग्वेज ही नहीं सुनाएगा, बल्कि उसका टेक्स्ट भी स्क्रीन पर दिखाएगा। यानी यह प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हैंड्स फ्री होगी। इसमें जैसे ही कोई व्यक्ति बोलना शुरू करेगा, एप अपने आप यह पहचान लेगा कि कौन सी भाषा बोली जा रही है। इसके बाद एप बिना किसी देरी के बोले गए शब्दों का अनुवादित ऑडियो सुनाएगा और साथ ही स्क्रीन पर दोनों भाषाओं में टेक्स्ट भी दिखाएगा है।
अब भाषा सीखने में भी मिलेगी मदद
- गूगल ने इसी के साथ लाइव ट्रांसलेट में एक नया लैंग्वेज लर्निंग फीचर भी जोड़ा है। जो यूजर्स के पर्सनल गोल्स के आधार पर उनके लिए स्पेशल बोलने और सुनने के प्रैक्टिस सेशंस तैयार करता है, जिससे नई भाषाएं सीखना और आसान हो जाता है। यानी यह फीचर सिर्फ दूसरी भाषा में बातचीत समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाषा सीखने और अपनी बोलने-सुनने की क्षमता बेहतर करने में भी मदद कर सकता है।
- कंपनी ने इस फीचर को अपग्रेड करते समय यूजर्स की सुविधाओं का खास ध्यान रखा है। एंड्रॉयड यूजर्स के फाेन में अगर स्क्रीन लॉक हो जाता है, तब भी बैकग्राउंड में बातचीत का अनुवाद जारी रहेगा।
- एंड्रॉयड ही नहीं, गूगल का कहना है कि आईओएस पर भी बैकग्राउंड ट्रांसलेशन का यह फीचर जल्द ही रोलआउट किया जाएगा। इसके अलावा आईओएस पर तो अनुवादित ऑडियो को अब सीधे फोन के ईयरपीस के जरिए भी सुना जा सकता है।
- सबसे पहले एंड्रॉयड या आईओएस स्मार्टफोन में गूगल ट्रांसलेट एप खोलें।
- होम स्क्रीन पर दिख रहे लाइव ट्रांसलेट विकल्प पर टैप करें।
- अपनी पसंद की दो भाषाएं चुनें।
- इसके बाद बोलना शुरू करें।
- अब एप अपने-आप एक्टिव भाषा का पता लगाएगा, अनुवादित टेक्स्ट स्क्रीन पर दिखाएगा और साथ ही अनुवादित ऑडियो पढ़कर सुना देगा।

