भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल बनाए गए हैं। शनिवार देर रात राष्ट्रपति भवन से उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।
अधिसूचना में क्या कहा गया?
शनिवार देर रात राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि भारत के राष्ट्रपति डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उप-राज्यपाल नियुक्त करते हुए प्रसन्न हैं। यह नियुक्ति उनके पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी। 62 वर्षीय शर्मा इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। वे राज्यसभा के उप-सभापति भी हैं।
दो बार लगातार रहे लखनऊ के महापौर
लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर रहे डॉ. दिनेश शर्मा 2006 से मार्च 2018 तक लगातार दो बार लखनऊ के महापौर भी रहे। इसके अलावा वह यूपी मेयर काउंसिल के 2007 से मार्च 2018 तक अध्यक्ष भी रहे। डॉ. शर्मा भाजपा संगठन में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। गुजरात के प्रभारी के अलावा हरियाणा में मुख्यमंत्री व राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक भी रहे। भाजयुमों के प्रदेश अध्यक्ष के पद भी संभाल चुके हैं।
2023 में बने राज्यसभा सांसद
2017 से 2022 तक उपमुख्यमंत्री के तौर पर माध्यमिक व उच्च शिक्षा के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भी जिम्मेदारी देख चुके दिनेश शर्मा 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़े। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया और वह तब से राज्यसभा के सांसद के तौर पर काम कर रहे थे।
संसदीय राजभाषा समिति (संयोजक)
शर्मा राज्यसभा सांसद के साथ ही संसदीय राजभाषा समिति में एक प्रमुख सदस्य के रूप में कार्यरत रहे हैं और इसकी पहली उप-समिति के संयोजक की भूमिका निभा रहे थे। यह समिति सरकारी कामकाज में हिंदी भाषा के प्रयोग की प्रगति की समीक्षा करती है।
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अंडमान में चल रहा ‘ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना’
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वर्तमान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना’ नामक एक बेहद महत्वाकांक्षी और विशाल मेगा प्रोजेक्ट चला रही है। नीति आयोग द्वारा परिकल्पित इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹81,000 करोड़ से ₹92,000 करोड़ तक आंकी गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भारत को चीन के खिलाफ रणनितीक बढ़त मिल जाएगी। ऐसे में शर्मा को केंद्र सरकार द्वारा शर्मा को वहां का उपराज्यपाल बनाया जाना एक बेहद बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।


