महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, रितेश आरोपी चेतन का दोस्त है और उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस के आरोप क्या?
- 22 वर्षीय रितेश हांगे केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार होने वाला तीसरा आरोपी।
- पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल बोले- जांच के दौरान रितेश केतन की हत्या की साजिश में शामिल पाया गया। रितेश को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- पुलिस के मुताबिक केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी, लेकिन सिया कथित तौर पर चेतन के साथ रिश्ते में थी। सिया और चेतन ने केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानकर उसे खत्म करने की योजना बनाई थी।
- केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले से धक्का दे दिया था।
साजिश में रितेश की कितनी भूमिका?
हत्याकांड की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रितेश, चेतन और सिया के साथ मिलकर हत्या की योजना बना रहा था। उसे केतन के हाथ-पैर तोड़कर उसे खत्म करने की पिछली योजना की जानकारी थी। 18 जून को हत्या को अंजाम देने के बाद चेतन ने रितेश से संपर्क किया और उसे वारदात की जानकारी दी। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।
कब और कहां हुई हत्या?
हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन की हत्या की गई थी। वह अपनी मंगेतर सिया के साथ ट्रेकिंग पर गया था। जांच में सामने आया कि रितेश को पहले से उस योजना की जानकारी थी, जिसके तहत केतन के हाथ-पैर तोड़कर बाद में उसकी हत्या करने की साजिश रची गई थी।
चेतन के दोस्त के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
हत्या के बाद चेतन ने रितेश को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। पुलिस को रितेश की भूमिका मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के बाद पता चली। उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर वडगांव मावल सत्र अदालत में पेश किया गया, जहां से 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

