नेपाल में हिमालय की ऊंची पहाड़ियों से आए एक सैलाब का असर बीते नौ दिन से लगातार यहां रहने वालों के लिए एक बुरा सपना बना हुआ है। दरअसल, नेपाल में सबसे ज्यादा तबाही सैलाब को साथ लाने वाली भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के क्षेत्रों और इन नदियों पर बनी ऊर्जा परियोजनाओं को झेलनी पड़ी। इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई और अधिकतम लापता हुए। खासकर छह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले करीब 900 लोगों की खोजबीन अब तक जारी है। इस बीच शुक्रवार सुबह एक अच्छी खबर आई। राहत-बचाव कार्य में लगी टीमों ने त्रिशूली नदी पर चल रही एक परियोजना में काम कर रहे दो लोगों को नौ दिन बाद मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सामने आया है कि जिन दो लोगों को त्रिशूली 3ए प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड केंद्र के ऊपर जमे मलबे से बाहर निकाला गया है, वे दोनों ही नेपाली नागरिक हैं। इन्हें उपचार के लिए काठमांडू ले जाया गया है। दोनों ने ही बताया कि जब बाढ़ का प्रकोप जलविद्युत परियोजना पर पड़ा, तब उनके साथ कई और लोग मलबे में दब गए। हालांकि, बाकी लोगों की खोज अभी जारी है।


