अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब ‘बहुत ज्यादा लंबा’ चलेगा। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के कुछ दिन बाद ट्रंप का यह बयान आया है। दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर ‘बहुत बड़ा हमला’ किया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल में लगाए गए सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इनमें रडार और मिसाइल से जुड़ी प्रणाली शामिल थे।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हल्का जवाब दिया, लेकिन अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ‘बहुत मजबूत नियंत्रण’ है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस अहम समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। अमेरिकी सेना ऐसे जहाजों को भी वहां से निकाल रही है, जो लाखों बैरल तेल लेकर जा रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में रडार और मिसाइल प्रणाली को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही थी। वह बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई जहाजों को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास रडार नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने उसे नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जब चाहे तब और हमले करने के लिए तैयार है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि नए हमलों का अभियान कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा कि यह जल्द खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा लंबा चलेगा। मुझे नहीं पता कि ईरान और कितना नुकसान सह सकता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर पूरी की है।
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सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार प्रणाली, समुद्री संसाधन और सुविधाएं, बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले आईआरजीसी की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर हाल में किए गए ‘हमलों के प्रयास’ के बाद किए गए।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या आरोप लगाया?
इस बीच, ईरान ने अमेरिका के नए हमलों की कड़ी निंदा की। ईरान ने अमेरिका पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि अमेरिका ने कई ईरानी प्रांतों में गैर-सैन्य ढांचे और आम लोगों के ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी सेना ने रक्षा में अमेरिका के खिलाफ ‘जोरदार हमले’ किए हैं। ये हमले उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए।
तेहरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कोहस्तक में चल रहा एक शादी समारोह भी निशाना बना। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में 70 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। साथ ही, उसने आत्मरक्षा के ईरान के अधिकार पर जोर दिया। नए तनाव के साथ पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले भी हुए हैं। आईआरजीसी ने कहा कि उसके सैनिकों ने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

