सूत्रों के अनुसार केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की इस सिस्टम पर करीब तीन साल से कार्य कर रहा है। अब इसके परीक्षण की तैयारी है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वसुंधरा झील पर लगाने की योजना है।

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