अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार वार्ता टूटने के बाद कनाडा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने उत्तरी पड़ोसी को “सबसे बड़े शोषणकर्ताओं में से एक” बताया और कनाडाई कंपनियों से शुल्क से बचने के लिए अपना कारोबार अमेरिका में स्थानांतरित करने की अपील की। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट में अपनी शुल्क नीति को अमेरिका के वाहन उद्योग को बचाने का श्रेय दिया। उन्होंने कनाडा पर अनुचित व्यापार गतिविधियों का भी आरोप लगाया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “जब मैंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी, तब शुरुआत में ही फोर्ड डेट्रॉयट में अपनी बड़ी फैक्टरी बंद करने की तैयारी कर रही थी। फिर, क्योंकि मैं चुनावी सर्वेक्षणों में आगे चल रहा था, उन्होंने यह देखने के लिए इसे थोड़े समय और खुला रखने का फैसला किया कि क्या होता है। अब यह 24 घंटे, सातों दिन चल रही है और दुनिया की सबसे अधिक लाभदायक कार फैक्ट्रियों में से एक है।”
कनाडा से आने वाले सामान पर ट्रंप ने क्यों जताई नाराजगी?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि फोर्ड, जनरल मोटर्स और अन्य कंपनियों के ऐसे कई और उदाहरण हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के वाहन उद्योग को “फिर से खड़ा किया और वास्तव में बचाया” है। ट्रंप ने कहा, “यह मेरे द्वारा शुल्कों को लेकर उठाए गए कदमों की वजह से हुआ है। सबसे बड़े शोषणकर्ताओं में से एक कनाडा है। मुझे कनाडाई कारें नहीं चाहिए, मुझे कनाडाई पुर्जे नहीं चाहिए, मुझे कनाडा की कोई चीज नहीं चाहिए। वे दशकों से हमारा शोषण कर रहे हैं और अब यह बंद होगा।”
उन्होंने कनाडा के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाने के लिए पिछली अमेरिकी सरकारों पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा, “यह काम बहुत पहले दूसरे राष्ट्रपतियों के समय हो जाना चाहिए था, ठीक वैसे ही जैसे ईरान को रोकने का काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था।” ट्रंप ने कनाडा की उस अपेक्षा पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उसके साथ अमेरिका के किसी राज्य की तरह व्यवहार किए जाने की बात कही गई है।
कनाडा को क्यों नहीं मिलेगी कोई छूट?
उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि उनके साथ एक राज्य की तरह व्यवहार किया जाए, लेकिन वे राज्य नहीं हैं। मैं कई देशों के नेतृत्व के साथ काम करता हूं, लेकिन मुझे कनाडा सबसे खराब लगता है। अब उन्हें किसी तरह की विशेष छूट नहीं मिलेगी।” कनाडाई उद्योग पर दबाव बढ़ाते हुए ट्रंप ने वहां कारोबार कर रही कंपनियों से अमेरिका आने की अपील की। उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ कारोबार करने वाली सभी कनाडाई कंपनियां तुरंत अमेरिका आ जाएं।”
ट्रंप ने कहा, “इनमें से कई ऐसी कंपनियां हैं, जो वर्षों पहले अमेरिका के गलत नेतृत्व के कारण यहां से बाहर चली गई थीं। जब वे वापस आएंगी तो उन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।” ट्रंप की यह टिप्पणी वॉशिंगटन और ओटावा के बीच बढ़े व्यापार तनाव के बीच आई है। दोनों देश अमेरिकी शुल्क संबंधी उपायों को लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
ट्रंप के ताजा बयान से उत्तरी अमेरिका के दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार को लेकर बयानबाजी और तेज हो गई है। दोनों देश अपने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा और शुल्कों के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए अलग-अलग कदम उठा रहे हैं।
