नेताओं ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने समय रैना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समय रैना एक कॉमेडियन हैं और उनके कार्यक्रमों में अक्सर अश्लीलता देखने को मिलती है। उन्होंने समय रैना और शेरोन वर्मा की बातचीत को लेकर कहा कि दोनों को बिहार और जम्मू-कश्मीर की सही समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को कॉमेडी तक ही सीमित रहना चाहिए और जाति, राज्य या धर्म को मजाक में नहीं घसीटना चाहिए।
भाजपा विधायक राम कदम ने भी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देकर सिर्फ प्रचार हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के देवी-देवताओं और कश्मीरी पंडितों को मजाक का विषय नहीं बनाया जा सकता।
बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि किसी भी तरह की टिप्पणी को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी समुदाय, राज्य या व्यक्ति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
वहीं शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि बिहार पर की गई टिप्पणी उन्हें ठीक नहीं लगी। कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचारों का मजाक उड़ाना भी उन्हें गलत लगा। हालांकि, उन्होंने इसे कॉमेडी मानते हुए दोनों को माफ करने की बात कही।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि हास्य एक ऐसी कला है, जो लोगों को खुशी देती है और उनकी चिंताओं का बोझ हल्का करती है। लेकिन जब इसी कला का इस्तेमाल किसी जाति, समुदाय या क्षेत्र को अपमानित या मजाक का विषय बनाने के लिए किया जाता है, तो इससे हास्य की गरिमा कम होती है।
शेरोन वर्मा कौन हैं?
शेरोन वर्मा साल 2024 में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में आने के बाद चर्चा में आई थीं। इसके बाद से उन्होंने स्टैंडअप कॉमेडी शुरू की। अभी हाल में भारत में कई शहरों में उनका टूर था। उन्होंने लेटेंट शो में बताया कि कुछ साल पहले वह दर्शकों के बीच बैठती थीं और अब उसी शो में जज की कुर्सी पर बैठी हैं।
