नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रकोप से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाली सेना और लोकल पुलिस लगातार राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है. इस बीच नेपाली सेना ने रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों के रेस्क्यू का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो जारी किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि मलबे और कीचड़ से के भीतर से बचाए गए लोग रेंगते हुए बाहर निकल रहे हैं, जिन्हें बचाव दल के जवान एक-एक कर सुरक्षित बाहर खींच रहे हैं.
सेना के लिए चुनौतीपूर्ण बना रेस्क्यू ऑपरेशन
इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने बताया कि पूरी जगह कीचड़ और मलबे से ढक जाने के कारण सुरंग के एंट्री और एग्जिट गेट को खोजना मश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘हर तरफ सिर्फ कीचड़ भरा हुआ है, जिससे रास्ते तलाशना बहुत चुनौतीपूर्ण है. हालांकि, हमारी पहली प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है.’
जलविद्युत् सुरूङमा फसेकाहरुको उद्धारमा #नेपालीसेना….
जहाँ संकट, त्यहाँ #नेपालीसेना !!!#NepaliArmy#BhotekoshiFlood pic.twitter.com/PAt30A3fSR— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) August 28, 2026
पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण प्रशासन को लोगों की सही लोकेशन तलाशने और राहत पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि एक हजार से ज्यादा अभी भी लापता हैं.
‘मदद के लिए आगे आए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इसे 2015 के भूकंप के बाद दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है. इस भीषण आपदा पर कोरस इंटरनेशनल की मानवीय मामलों की प्रमुख अधिकारी तमारा डेमुरिया ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह तबाही किसी भी मुमकिन संख्या से कहीं ज्यादा बड़ी है और कई परिवारों ने सब कुछ खो दिया है. उन्होंने मदद की अपील करते हुए कहा कि यह सबसे जरूरी समय है जब भारत, अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर मदद के लिए आगे आना चाहिए.
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा
प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि सब कुछ एक ही पल में बह गया और अभी तक कई मृतकों की पहचान भी नहीं हो सकी है. किसी ने इतनी बड़ी तबाही की कल्पना भी नहीं की थी. यहां की मुख्य सड़क समेत 30 से 35 किलोमीटर का इलाका पूरी तरह बह गया है. इस बीच नेपाल ने एक नई बाढ़ की आशंका को लेकर भी चेतावनी जारी की है. तिब्बत सीमा के पास ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट के ऊपर स्थित एक बैरियर लेक का किनारा टूट गया है, जिससे फिर से बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया.


