प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली SCO समिट में शामिल होंगे. इस दौरान उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी होगी.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेता भारत और रूस के रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. मोदी का यह दौरा 29 अगस्त से शुरू होगा. सबसे पहले वह 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान जाएंगे. इसके बाद 31 अगस्त को किर्गिस्तान पहुंचेंगे.
पुतिन के साथ किन मुद्दों पर होगी बात?
मोदी और पुतिन की बैठक में भारत और रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग पर खास ध्यान रहने की उम्मीद है. दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग भी अहम मुद्दा रहेगा. हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की थी. उस बैठक में पुतिन ने भारत को ऊर्जा और उर्वरक की सप्लाई जारी रखने की बात कही थी. उन्होंने यह भी कहा था कि रूस भारत की जरूरत को देखते हुए उर्वरक की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार है. भारत और रूस के बीच व्यापार भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.
उज्बेकिस्तान में भी अहम बातचीत
उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा होगी. दोनों नेता विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे.
SCO समिट में भारत की क्या प्राथमिकता होगी?
बिश्केक में होने वाली SCO बैठक में प्रधानमंत्री मोदी भारत की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर से जुड़ी प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे. यह SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का साल भी है. भारत 2017 से इस संगठन का पूर्ण सदस्य है. मोदी की पुतिन के साथ होने वाली बैठक ऐसे समय में अहम है, जब दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उर्वरक, व्यापार और रणनीतिक सहयोग लगातार चर्चा में हैं. पुतिन पहले ही जयशंकर से बातचीत के दौरान मोदी से SCO समिट में मिलने की उम्मीद जता चुके हैं.

