नेपाल में आई भीषण बाढ़ से तबाही मच गई है. इस जल प्रलय से हजारों लोग लापता हो गए हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक नेपाल में आई अचानक बाढ़ का कारण भूकंप नहीं बल्कि ग्लेशियर का निचला हिस्सा टूटना है. चीन ने बाढ़ को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. चीन ने ग्लेशियर के टूटने के लिए नेपाल की तरफ भूकंप को जिम्मेदार ठहराया है. नेपाल में चीनी राजदूत महामहिम श्री झांग माओमिंग ने रसुवा में आई भीषण बाढ़ पर बात की.
कैसे आई बाढ़
चीनी राजदूत महामहिम श्री झांग माओमिंग ने नेपाल के चैनल से बात की. उन्होंने कहा कि ”सबसे पहले, मैं यह रेखांकित करना चाहूंगा कि चीनी पक्ष इस अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक आपदा से बहुत दुखी है. हम उन लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और शोक संतप्त परिवारों के साथ-साथ नेपाल सरकार और जनता के प्रति हमारी हार्दिक सहानुभूति है. इस कठिन समय में हम नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं. चीन घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगा और हर संभव सहायता और मदद प्रदान करने के लिए भरसक प्रयास करेगा. हम नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और आपदा से निपटने में एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं. मुझे यकीन है कि हाथ मिलाकर हम कठिनाइयों पर काबू पा लेंगे और अपने सुंदर घरों का पुनर्निर्माण करेंगे.
वर्तमान में उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर, आज सुबह नेपाली पक्ष में एक भूकंप आया, जिससे बर्फ का हिमस्खलन हुआ और उसके बाद भूस्खलन हुआ, जिससे ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र के नेपाली और चीनी दोनों पक्षों में महत्वपूर्ण हताहत हुए और लोग लापता हो गए.
अमेरिकी सर्वे में कही ये बात
चीन जहां भूकंप को बाढ़ की वजह बता रहा है वहीं अमेरिकी सर्वे में खुलासा हुआ है कि ग्लेशियर के निचले हिस्से के टूटने से ऐसा हुआ है. लैंगटांग लिरुंग पर्वत के उत्तर मुख पर लगभग 5200 मीटर ऊंचाई पर ग्लेशियर का निचला हिस्सा टूटकर लगभग 1200 मीटर नीचे घाटी में गिरा. ये मलबा लेंडे खोला नदी को अवरुद्ध कर गया, जिससे अस्थायी बांध बना. बांध टूटने से पानी, कीचड़, चट्टानों और मलबे की विशाल लहर नीचे की ओर दौड़ पड़ी. लेन्दे खोला तिब्बत से निकलने वाली एक सहायक नदी है, जो नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी और तिमुरे के आसपास भोटेकोशी नदी में मिलती है. ग्लेशियर के ढहने या आइस-रॉक एवलांच से बड़ी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा इसी लेन्दे खोला में गिरा. इससे नदी में अचानक तेज बहाव पैदा हुआ.
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