
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त 2026 को देशभर में रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाया जा रहा है। भाई-बहन के प्रेम को समर्पित यह पर्व कई शुभ संयोगों के बीच रहेगा। लेकिन इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ काल माना जाता है। इस अवधि में राखी बांधने से लेकर पूजा-पाठ करने तक के शुभ कार्यों को करने से बचने की मान्यता है। ऐसे में रक्षाबंधन पर लगने जा रहे इस ग्रहण को लेकर यह जानना जरूरी हो गया है कि क्या इस चंद्र ग्रहण का असर भारत में पड़ेगा? क्या ग्रहण के कारण राखी बांधने के समय में कोई बदलाव करना होगा? आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

2 of 5
Raksha Bandhan 2026
– फोटो : अमर उजाला
क्या रक्षाबंधन पर पड़ेगा ग्रहण का असर ?
इस साल 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। इस दिन चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होगा। ग्रहण का समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए किसी भी तरह के नियम और सूतक दोनों ही मान्य नहीं होंगे। देशभर में बिना किसी बाधा के रक्षाबंधन का त्योहार सामान्य तरीके से मनाया जा सकेगा।
रक्षा बंधन पर कितने बजे खत्म होगा चंद्र ग्रहण और कब लगेगा सूतक काल, जानें इनका समय

3 of 5
Raksha Bandhan 2026
– फोटो : adobe stock
राहुकाल का समय
रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 31 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप सुबह 10:31 से पहले भाई को राखी बांध सकती हैं।

4 of 5
Raksha Bandhan 2026
– फोटो : AI
रक्षाबंधन 2026 के तीन खास मुहूर्त
28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
दूसरा-सुबह 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक।
तीसरासुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।
रक्षाबंधन 2026: राशि के अनुसार बहन को दें ये खास तोहफा, चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान

5 of 5
Raksha Bandhan 2026
– फोटो : Freepik
दिन का चौघड़िया
चर: सुबह 5:58 से 7:31 बजे तक
लाभ: सुबह 7:31 से 9:04 बजे तक
अमृत: सुबह 9:04 से 10:37 बजे तक
काल: सुबह 10:37 से दोपहर 12:10 बजे तक
शुभ: दोपहर 12:10 से 1:43 बजे तक
रोग: दोपहर 1:43 से 3:16 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 3:16 से 4:49 बजे तक
चर: शाम 4:49 से 6:23 बजे तक
रात का चौघड़िया
रोग: शाम 6:23 से 7:57 बजे तक
काल: शाम 7:57 से 9:30 बजे तक
लाभ: रात 9:30 से 11:04 बजे तक
उद्वेग: रात 11:04 से 12:37 बजे तक
शुभ: रात 12:37 से 2:11 बजे तक
अमृत: रात 2:11 से 3:44 बजे तक
चर: रात 3:44 से 5:18 बजे तक
रोग: सुबह 5:18 से 5:58 बजे तक
