राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में नशे के कारोबार में एक नया पैटर्न सामने आया है। यहां तस्करी से जुड़े नेटवर्क में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये महिलाएं कथित तौर पर नशे की सप्लाई, भंडारण, परिवहन और ड्रग मनी को संभालने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं की ड्रग तस्करी में भूमिका पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में ज्यादा देखने को मिल रही है। बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 2026 में अब तक इन जिलों में एनडीपीएस मामलों में 86 महिलाओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हनुमानगढ़ में 32, श्रीगंगानगर में 24 और बीकानेर में 6 महिलाएं शामिल हैं। बीकानेर में 2025 में भी एनडीपीएस मामलों में 20 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था, जबकि श्रीगंगानगर में यह संख्या 32 रही।
पुरुष आरोपी जेल गए तो महिलाओं ने संभाला नेटवर्क
राजस्थान पुलिस के अधिकारियों के अनुसार जांच में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां परिवार के पुरुष सदस्यों पर कार्रवाई के बाद कथित तौर पर महिलाओं ने नेटवर्क की जिम्मेदारियां संभालीं। हनुमानगढ़ पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में महिलाएं केवल आरोपी की रिश्तेदार नहीं, बल्कि सप्लाई चेन और पैसों के लेन-देन में भी सक्रिय मिली हैं। हनुमानगढ़ में सहजादा बीबी उर्फ कल्ली को 10.15 ग्राम हेरोइन और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक उसके पति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत 14 मामले दर्ज हैं।
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बीकानेर में एमडी से लेकर प्रॉपर्टी तक कनेक्शन
बीकानेर में निर्मला विश्नोई को कथित तौर पर 14 ग्राम एमडी और 1.50 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मुराद अली के परिवार से जुड़े मामले में उसकी पत्नी मेहरुनिशां पर कथित तौर पर ड्रग से अर्जित संपत्तियों को संभालने और पैसा प्रॉपर्टी में लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने ऑपरेशन नीलकंठ के तहत मेहरुनिशां से जुड़ी करीब एक करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की है। इसी तरह हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी कथित ड्रग मनी से खरीदी गई संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।
एक कार्रवाई में 17 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद
हनुमानगढ़ में पुलिस ने सिंधी मोहल्ला स्थित एक किराए के गोदाम पर कार्रवाई कर 4.12 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए। इनमें प्रेगाबालिन, टैपेंटाडोल और बुप्रेनॉर्फिन जैसी दवाएं शामिल थीं। पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत करीब 17 करोड़ रुपये बताई।
बॉर्डर पर ड्रोन से हेरोइन की तस्करी
बीकानेर सीमा क्षेत्र में पुलिस को ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप पहुंचाने के मामले भी मिले हैं। खाजूवाला और पूगल इलाके में पकड़ी गई एक कथित अफगान-ग्रेड हेरोइन की खेप की कीमत पुलिस ने करीब 50 से 75 करोड़ रुपये आंकी थी।
अब गिरफ्तारी से आगे, ड्रग मनी पर वार
बीकानेर रेंज में एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 1,127 मामले दर्ज कर 1,463 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब सिर्फ नशीला पदार्थ बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच में परिवार के सदस्यों, संपत्तियों, कारोबार और वित्तीय लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में नीलकंठ, चक्रव्यूह और सीमा संकल्प जैसे अभियानों के तहत कथित ड्रग मनी से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज और सीज किया जा रहा है। पुलिस का फोकस अब ड्रग सप्लायर के साथ पूरे नेटवर्क और उसकी आर्थिक रीढ़ को तोड़ने पर है।


