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एशिया छोड़ो, यूरोप भी बर्बाद! बस 6 हफ्ते का बचा जेट फ्यूल, ईरान युद्ध के बाद सबसे बड़ा संकट

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  • ईरान जंग के चलते यूरोप के पास छह हफ्तों का जेट फ्यूल बचा है।
  • मिडिल ईस्ट से सप्लाई बंद होने से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं।
  • यूरोप अमेरिका-नाइजीरिया से आयात बढ़ा रहा, पर कमी की आशंका।
  • लागत बढ़ने से KLM ने 160 उड़ानें रद्द कीं।

Europe Fuel Crisis: ईरान जंग के बीच अब वैश्विक ऊर्जा आसमान तक पहुंच चुका है, जिससे हवाई यात्रा पर खतरा गहराने लगा है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IAE) ने चेतावनी दी है कि यूरोप के पास शायद अब सिर्फ छह हफ्तों का जेट फ्यूल बचा है. इसी बीच अगर मिडिल ईस्ट से आने वाली सप्लाई का बड़ा हिस्सा जल्द पूरा नहीं किया गया तो जून तक हालात ज्यादा गंभीर हो जाएंगे.

दरअसल, गल्फ से जेट फ्यूल लाने का अहम रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पिछले छह हफ्तों से बंद है, जिसके चलते सप्लाई पर ज्यादा असर पड़ा है. इसी कारण जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ रही है और कमी का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. IEA के प्रमुख फतेह बिरोल के मुताबिक, अगर यही स्थिति जारी रही तो कई उड़ानें रद्द करनी पड़ सकती हैं. 

फ्यूल संकट बढ़ने की आशंका

IEA ने बताया कि यूरोप पहले अपने जेट फ्यूल का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा मिडिल ईस्ट से मंगाता था, लेकिन अब इसी कमी को पूरा करने के लिए यूरोपीय देश अमेरिका और नाइजीरिया जैसे देशों से सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे पूरी कमी पूरी नहीं हो पाएगी.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर यूरोप अपने मिडिल ईस्ट आयात का 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं कर पाया तो कुछ एयरपोर्ट्स पर फ्यूल की कमी हो सकती है, जिससे उड़ानें रद्द होने लगेंगी. वहीं अगर 75 प्रतिशत तक सप्लाई बदल भी ली जाती है, तब भी अगस्त से पहले दबाव बना रह सकता है. ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि वह एयरलाइंस और फ्यूल सप्लायर्स के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही है. फिलहाल UK में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है.

यूरोप में 160 उड़ानें रद्द  

दूसरी तरफ, एयरलाइंस भी इस संकट से प्रभावित हो रही हैं. जेट फ्यूल की कीमतें अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर $1,838 (लगभग 1.53 लाख) प्रति टन तक पहुंच गई थीं, जो पहले करीब $831( लगभग ₹69,000 – ₹70,000) थीं. इससे एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है, क्योंकि फ्यूल उनके खर्च का 20-40 प्रतिशत हिस्सा होता है. कुछ एयरलाइंस ने कदम उठाने भी शुरू कर दिए हैं.

EasyJet को मार्च में ही ईंधन पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, जबकि KLM ने बढ़ती लागत के चलते अगले महीने यूरोप में 160 उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है. हालांकि, यूरोपीय आयोग का कहना है कि फिलहाल ईंधन की कमी के स्पष्ट संकेत नहीं हैं, लेकिन आने वाले समय में सप्लाई से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

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