ईरान और इस्राइल से जुड़े संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। शनिवार को एक साथ कई घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। ईरान ने कतर पर उसके तीन पायलटों को पकड़े रखने का आरोप लगाया, जिसे कतर ने तुरंत खारिज कर दिया। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके एक तेल टैंकर पर फिर हमला होने की बात कही। दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है। यमन में हूतियों ने लाल सागर के एक बंदरगाह पर भी हमला किया।
ईरान ने कतर पर तीन पायलटों को रोकने का आरोप क्यों लगाया?
ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ की लापता लोगों से जुड़ी समिति ने दावा किया कि मार्च में विमान गिराए जाने के बाद लापता हुए उसके तीन पायलट कतर की सेना के कब्जे में हैं। ईरान का कहना है कि कतर ने इन पायलटों को उनके परिवार और मामले से जुड़े ईरानी अधिकारियों से मिलने या संपर्क करने की अनुमति नहीं दी। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष से मामले में मदद मांगी है। ईरान ने यह भी कहा कि चौथा पायलट कतर में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के अभियान के दौरान मारा गया था।
कतर ने ईरान के दावे पर क्या जवाब दिया?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने ईरान के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कतर की खोज और बचाव टीमों ने गिराए गए विमानों में से एक के अवशेष बरामद किए थे। उनके अनुसार, ईरान को अप्रैल में घटनास्थल पर आने और खोज अभियान की जानकारी लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन ईरान की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। ईरान का यह दावा इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक उसने लापता पायलटों के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला कितना गंभीर है?
संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल और गैस कंपनी एडीएनओसी के एक टैंकर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला हुआ। घटना शुक्रवार शाम की बताई गई है और इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यूएई के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में एडीएनओसी से जुड़े जहाज पर यह तीसरा हमला है। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने भी बताया कि शुक्रवार को एक मालवाहक जहाज के ढांचे पर अज्ञात वस्तु से हमला हुआ। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाओं में वही जहाज शामिल था या नहीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के व्यापार में आने वाले करीब पांचवें हिस्से के तेल और प्राकृतिक गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण जताया है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुक गई है, जबकि ईरान ओमान के साथ इस रास्ते को संभालने के तरीके पर बातचीत कर रहा है। ऐसे में यहां किसी भी हमले से तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ने की चिंता बढ़ सकती है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमलों में कितने लोगों की मौत हुई?
दक्षिणी लेबनान में शनिवार को इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, अंसार गांव के किनारे एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें सात लोगों की मौत हुई। इनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इस हमले में दो लोग घायल हुए। दूसरे हमले में देइर अल-जह्रानी गांव में चार लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
इस्राइल ने लेबनान में हमले की क्या वजह बताई?
इस्राइली सेना ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के एक बटालियन कमांडर और कई अन्य लड़ाकों को निशाना बनाया। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई वहां तैनात इस्राइली सैनिकों के खिलाफ हिजबुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में की गई। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सेना ने कहा कि एक विस्फोटक ड्रोन इस घटना के लिए जिम्मेदार था। सेना ने यह भी दावा किया कि जिस कमांडर को निशाना बनाया गया, उसके परिवार के लोग उसके साथ थे, लेकिन वे हमले का लक्ष्य नहीं थे।
यमन में हूतियों के हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
यमन की सेना के अनुसार, हूतियों ने लाल सागर के मोखा बंदरगाह पर हमला किया। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के नियंत्रण में है। बंदरगाह के निदेशक के अनुसार, शुक्रवार शाम हुए हमले में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें दो नौसैनिक भी शामिल थे। हमले के बाद बंदरगाह का काम रोक दिया गया। यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि हूतियों ने छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला यमन के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों और पड़ोसी सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों की कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।
क्या पश्चिम एशिया में संघर्ष और बड़ा होने का खतरा है?
ईरान और इस्राइल से जुड़े संघर्ष के बीच कतर, होर्मुज जलडमरूमध्य, लेबनान और यमन में हुई घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ ईरान और कतर के बीच तीन पायलटों को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं, तो दूसरी तरफ समुद्री रास्ते में जहाज पर हमले और लेबनान में हवाई हमले जारी हैं। यमन में हूतियों की कार्रवाई भी क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये अलग-अलग घटनाएं किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेंगी या बातचीत के जरिए तनाव को रोका जा सकेगा।

