अमेरिका के इंडियाना में भारी बारिश ने बाढ़ का ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसने 113 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। व्हाइट नदी का जलस्तर 24.9 फीट से ऊपर पहुंच गया और कई इलाकों में घर, सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए। मंगलवार से इंडियानापोलिस के पूर्वी हिस्से में 11 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालात को देखते हुए इंडियाना के गवर्नर माइक ब्रॉन ने आपात स्थिति घोषित कर नेशनल गार्ड को राहत और बचाव कार्य में लगाया है।

व्हाइट नदी ने 113 साल पुराना कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा?
व्हाइट नदी का पानी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर 24.9 फीट से ज्यादा दर्ज किया गया, जो 1913 में दर्ज किए गए पुराने रिकॉर्ड से एक फीट से भी अधिक ऊपर है। इस बढ़ते जलस्तर ने नदी के आसपास के कई इलाकों को डुबो दिया। प्रशासन के अनुसार, नदी का पानी रविवार तक अपने किनारों से बाहर निकलता रह सकता है। इससे आने वाले समय में बाढ़ और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
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कितनी बारिश हुई और कितने इलाके पानी में डूबे?
इंडियानापोलिस के पूर्व में मंगलवार से अब तक 11 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। एंडरसन शहर में कई फीट पानी सड़कों पर भर गया और घर पानी से घिर गए। लोगों को इलाके से बाहर निकलने का आदेश दिया गया। फ्रैंकलिन काउंटी में भी पानी ने रेलवे पटरियों और सड़कों को ढक दिया। कैंब्रिज सिटी में लगातार दूसरे दिन कई घर कई फीट पानी से घिरे रहे। यॉर्कटाउन से सामने आए वीडियो में भी बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान दिखाई दिया।

कितने लोगों को बचाया गया और कितनी जनहानि हुई?
बाढ़ के बीच राहत और बचाव दल ने पूरे क्षेत्र में दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला। इंडियानापोलिस में शनिवार दोपहर तक करीब 70 लोगों के बचाए जाने की जानकारी सामने आई। कई लोगों के साथ उनके पालतू जानवरों को भी सुरक्षित निकाला गया। वहीं डेलावेयर काउंटी में शुक्रवार को शेरिफ के जवानों को 58 वर्षीय महिला का शव मिला। अधिकारियों को आशंका है कि महिला की मौत बाढ़ के पानी से होकर गाड़ी चलाने की कोशिश के दौरान हुई। इसके अलावा कई लोगों के घर और वाहन बाढ़ में फंस गए हैं।
सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए?
इंडियाना के गवर्नर माइक ब्रॉन ने गुरुवार को राज्य में आपात स्थिति घोषित की और नेशनल गार्ड को राहत कार्यों के लिए लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की पूरी मशीनरी को सक्रिय कर दिया गया है और जरूरत के हिसाब से संसाधन प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं। गवर्नर ने राष्ट्रपति से संघीय आपात घोषणा करने का अनुरोध भी किया है, ताकि राहत और बचाव के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकें। इंडियानापोलिस के मेयर जो हॉगसेट ने भी नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

क्या बाढ़ का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है?
बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। मौसम विभाग ने मध्य इंडियाना के बड़े हिस्से में अचानक बाढ़ की चेतावनी और निगरानी जारी की है। शनिवार को भी कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ तूफान आने की चेतावनी दी गई। वॉरेन काउंटी में छह घंटे के दौरान करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, व्हाइट नदी का पानी शनिवार शाम इंडियानापोलिस इलाके में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने की उम्मीद थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने लोगों से बढ़ते पानी को देखते हुए चेतावनियों का पालन करने को कहा है।
बाढ़ ने लोगों की जिंदगी पर कितना असर डाला?
एंडरसन में रहने वाले चार्ली सिमंस ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल तक मेहनत करके अपना घर दोबारा बनाया था और कुछ महीने पहले ही उसमें रहना शुरू किया था। अब उनका घर बाढ़ में तबाह हो गया। मध्य इंडियाना में लंबे समय से रहने वाले सिमंस ने कहा कि उन्होंने इससे पहले इतनी गंभीर बाढ़ नहीं देखी। कई इलाकों में लोग अपने घरों से निकलने को मजबूर हुए हैं। बाढ़ के कारण सड़कें बंद हैं और कई वाहन पानी में फंस गए हैं। तेज बहाव से एक बिजली का खंभा भी गिरने की जानकारी सामने आई है।

क्या पूरे अमेरिका के मिडवेस्ट में मौसम ने कहर बरपाया है?
इंडियाना में बाढ़ से पहले सप्ताह के दौरान अमेरिका के मिडवेस्ट के कई हिस्सों में भीषण मौसम का असर देखा गया। कई इलाकों में बवंडर, भारी बारिश और अचानक बाढ़ आई। तूफान से हुए नुकसान की खबर शिकागो इलाके से लेकर पश्चिमी पेनसिल्वेनिया तक सामने आई। इंडियाना में लगातार बारिश के कारण छोटी नदियों और नालों का पानी भी बढ़ गया, जिससे व्हाइट नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर गया। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि नदी का पानी रविवार तक बढ़ता रहा तो पहले से डूबे इलाकों में स्थिति और खराब हो सकती है।

क्या आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद है?
फिलहाल प्रशासन का ध्यान लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने पर है। नेशनल गार्ड और स्थानीय बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण अधिकारियों ने लोगों से बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने को कहा है। 1913 का रिकॉर्ड टूटना इस बाढ़ की गंभीरता को दिखाता है। अब बारिश कम होने और नदी का पानी घटने का इंतजार है, लेकिन रविवार तक खतरा बने रहने की आशंका के कारण राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा।


