लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

एअर इंडिया टर्बुलेंस हादसा:20 सवालों के जवाब से खुलेगा राज, यात्रियों से भी पूछताछ कर सकती है जांच टीम – Ai Turbulence Incident: Answers To 20 Questions To Reveal Truth; Investigation Team May Questions Passengers

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट में पिछले हफ्ते हवा में लगे तेज झटकों (टर्बुलेंस) के मामले की जांच एयर क्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा शुरू कर दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के विश्वस्त सूत्रों ने बताया, जांच ब्यूरो को इस घटना की तह तक पहुंचने के लिए बीस से ज्यादा सवालों का जवाब तलाशना है। घटना के दौरान 300 सेकेंड तक विमान हवा में तेज झटकों से जूझता रहा। मामले की जांच में कोई भी पहलू छूट न जाए, इसलिए विमान में सवार यात्रियों से भी कुछ सवालों का जवाब देने का आग्रह किया जा सकता है।

इस घटना की प्रारंभिक जांच में भले ही विमान के पायलट का नशे की स्थिति में होना, इस टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है,लेकिन विमानन विशेषज्ञ रतन अंभोरे कहते हैं कि ऐसी घटना के पीछे 95 फीसदी कारण ‘मानवीय भूल’ होते हैं। विमान में आई तकनीकी खराबी, पांच फीसदी कारणों में शामिल रहती है। चूंकि अब सरकार ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है तो असल कारणों का पता फाइनल जांच रिपोर्ट सामने के बाद ही पता चल पाएगा।


इन सवालों के जवाब खोज रही जांच टीम

दरअसल, किसी भी यात्री उड़ान से पहले विमान की उड़ान-योग्यता और सुरक्षा से जुड़ी जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार की जाती है। इसमें पायलटों की प्री-फ्लाइट जांच और चेकलिस्ट, विमान की तकनीकी स्थिति, जरूरी उपकरण व सिस्टम, ईंधन, वजन-बैलेंस, मौसम, फ्लाइट प्लान और विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की पुष्टि शामिल होती है। इसके अलावा फ्लाइट क्रू की ड्यूटी और आराम की स्थिति भी निर्धारित नियमों के तहत देखी जाती है। अब जांच टीम यह पता कर रही है कि एआई 2379 की उड़ान से पहले इन सभी निर्धारित प्रक्रियाओं और चेकलिस्ट का पालन सही तरीके से हुआ था या नहीं।

1,000 फीट तक नीचे आ सकता है विमान

विमानन विशेषज्ञ अंभोरे बताते हैं, हवा में एयर पॉकेट में आते ही विमान का दबाव जब खत्म हो जाता है तो वह तेजी से नीचे की ओर आने लगता है। सीट बेल्ट न बंधे होने पर यात्री ऊपर उछलकर ओवरहेड बिन से टकरा जाते हैं। फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में भी यही हुआ था। कई बार खराब मौसम में इंजन को सही दबाव न मिलने पर प्लेन 1,000 फीट तक नीचे आ सकता है। आमतौर पर कैप्टन ऐसी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए हमेशा मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार रहते हैं।


विमान की अंतिम तकनीकी जांच 

उड़ान से पहले विमान की कई तकनीकी जांच जरूरी होती हैं। इसमें पहले से दर्ज खराबियों को दूर करना, जरूरी तकनीकी निर्देशों का पालन, पुराने या समय पूरा कर चुके पुर्जों की जांच, विमान का वजन और संतुलन, अपडेट फ्लाइट मैनुअल और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति देखी जाती है। इसके बाद अधिकृत मेंटेनेंस इंजीनियर यह प्रमाणित करता है कि जरूरी जांच, मरम्मत और परीक्षण पूरे हो चुके हैं। विमान उड़ान के लिए सुरक्षित है। एआई 2379 ने फुकेट से उड़ान भरी थी, इसलिए जांच में यह भी देखा जाएगा कि वहां विमान की अंतिम तकनीकी जांच किसने की। क्या-क्या जांच हुई और किसने उसे उड़ान के लिए मंजूरी दी।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Kangana Ranaut:कंगना ने बताया फिल्म इंडस्ट्री को दोगला, नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ बोलने वाले बयान पर दी सफाई – Kangana Ranaut Accused Film Industry For Hypocrisy Regarding Protest And Clarifies Why She Called Naseeruddin

Assam-arunachal Border:असम-अरुणाचल सीमा पर क्यों हुआ टकराव? पुलिस ने की हवाई फायरिंग; Cm ने की शांति की अपील – Fresh Confrontation At The Assam-arunachal Border; Police Fire In The Air; Cm Himanta Appeals For Peace.

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे:कदम-कदम पर लापरवाही के निशान, मरम्मत की दरकार, गृह विभाग ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट – Kanpur-lucknow Expressway: Signs Of Negligence At Every Step; Repairs Needed.

बारिश का कहर:हिमाचल में 173 जिंदगियां गईं, 936 करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 200 सड़कें और 39 पेयजल योजनाएं ठप – L-monsoon Rain 173 Deaths 936 Crore Loss 200 Roads Closed

Jharkhand:jpsc-jssc छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी, Cm आवास की बढ़ाई गई सुरक्षा; कांके रोड पर लगा जाम – Jpsc Jssc Student Protest 20th Day Cbi Probe Demand Ranchi Cm Residence Security

Alert:आपदा की पूर्व चेतावनी देने वाले 11 ऐप, आसमानी बिजली से लेकर लू और भूस्खलन से करेंगे सावधान – Alert App For Disaster From Lightening To Land Slide Its Benefits

Leave a Comment