UPI Payments: UPI पेमेंट्स को लेकर पिछले काफी समय से चर्चाओं का बाजार चल रहा है. जब से इसको लेकर चार्जेज की बातें चल रही हैं तब से ये और भी ज्यादा चर्चा में है. अब तक भारत में UPI पेमेंट करना ज्यादातर लोगों के लिए फ्री ही था. लेकिन UPI को चलाने में बैंकों, पेमेंट कंपनियों और दूसरे सिस्टम से जुड़े संस्थानों को हर साल बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है. अब सरकार के एक प्रस्ताव के बाद UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर कुछ मामलों में चार्ज लगने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
UPI चलाने में कितना होता है खर्च?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक UPI को चलाने के लिए सिर्फ मोबाइल एप ही नहीं, बल्कि पूरा डिजिटल पेमेंट सिस्टम काम करता है. इसमें एप और उसकी तकनीक को चलाने, कस्टमर सर्विस, बैंक द्वारा ट्रांजैक्शन चेक करना, साइबर सुरक्षा, KYC, क्लाउड स्टोरेज, फ्रॉड रोकना, विवादों का समाधान और नेटवर्क की लगातार निगरानी जैसे कई खर्च शामिल होते हैं.
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एक अनुमान के मुताबिक, UPI और RuPay डेबिट कार्ड का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर चलाने में कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च हो सकता है. वहीं, संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 से 2024-25 के बीच सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए करीब 8730 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जो डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की कुल लागत का सिर्फ करीब 11% थी. इस आधार पर डिजिटल पेमेंट सिस्टम की कुल लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये सालाना होने का अनुमान है. इसका मतलब है कि हर ट्रांजैक्शन पर करीब 83 पैसे खर्ज होता है.
कितनी लग सकती है फीस?
बड़े कारोबारियों से UPI भुगतान पर 0.3% से 0.6% तक MDR लिया जा सकता है. MDR वो फीस है, जो पेमेंट को प्रोसेस करने के लिए बैंक या पेमेंट कंपनी व्यापारी से लेती है. कुछ एक्सपर्ट्स का अनुमान इससे काफी कम है. उनके मुताबिक UPI पर 0.05% से 0.07% तक MDR हो सकता है. ये फीस मुख्य रूप से बड़े कारोबारियों से लेने की बात कही जा रही है. तुलना करें तो क्रेडिट कार्ड पर MDR आमतौर पर 1% से 3% तक और डेबिट कार्ड पर करीब 0.9% तक होता है.
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UPI पर क्यों लग सकता है चार्ज?
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में टैक्सेशन एंड अदर लॉ (अमेंडमेंड) बिल, 2026 पेश किया. इसमें पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 में बदलाव का प्रस्ताव है. इस बदलाव के बाद बैंकों और पेमेंट सिस्टम उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को UPI और RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले कुछ पेमेंट्स पर फीस लेने की अनुमति मिल सकती है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि हर UPI भुगतान पर चार्ज लगेगा.

