सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी से जुड़े एक यूट्यूब वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मामले में मंगलवार को अहम जानकारी सामने आई। गूगल ने अदालत को बताया कि विवादित वीडियो को भारत में यूट्यूब पर रोक दिया गया है। हालांकि, वीडियो को दुनियाभर में ब्लॉक करने का मुद्दा अभी अदालत की डिविजन बेंच के सामने लंबित है।
मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में हुई। यह याचिका वकील अमिता सचदेवा की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 21 मार्च को अपलोड किए गए वीडियो में देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की गई थीं।
गूगल ने अदालत में क्या कहा?
- गूगल की ओर से पेश वकील ने बताया कि वीडियो के खिलाफ कार्रवाई केंद्र सरकार की ग्रीवांस अपीलेट कमेटी (GAC) के निर्देश के बाद की गई है। कंपनी के मुताबिक, वीडियो को फिलहाल सिर्फ भारत में रोका गया है।
- याचिकाकर्ता की ओर से हालांकि दलील दी गई कि 15 जुलाई को कमेटी ने गूगल को 24 घंटे के भीतर वीडियो हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने के बजाय केवल भारत में दिखाने पर रोक लगाया है। याचिकाकर्ता ने इसे निर्देश का आंशिक पालन बताया।
- इस पर अदालत ने कहा कि वीडियो को वैश्विक स्तर पर रोकने का मुद्दा पहले से ही हाईकोर्ट की डिविजन बेंच के सामने लंबित है। अदालत ने यह भी कहा कि गूगल ने अपनी ओर से जो कार्रवाई संभव थी, वह कर दी है।
पहले भी की गई थी शिकायत
- याचिका के मुताबिक, वीडियो को लेकर अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत करने के अलावा यूट्यूब के रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर के पास भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) नियमों के तहत वीडियो को हटाने की मांग की थी।
- हालांकि, यूट्यूब के शिकायत अधिकारी ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें वीडियो में कंपनी की कम्यूनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं मिला। इसके बाद 27 मार्च को GAC के सामने अपील दाखिल की गई।
- याचिका में आरोप लगाया गया था कि निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद अपील पर फैसला नहीं हुआ और वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहा।
अब 3 सितंबर को होगी सुनवाई
- इस मामले में 3 जुलाई को हाईकोर्ट ने GAC को याचिकाकर्ता की शिकायत पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने को कहा था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अदालत में आदेश के अनुपालन को लेकर आवेदन दिया।
- फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर तक टाल दी है। वीडियो को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति और वैश्विक स्तर पर रोक लगाने की मांग पर आगे की कार्यवाही अदालत के समक्ष जारी रहेगी।