पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को घटनाक्रम तेजी से बदला। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया और इसके कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के समय को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल उठाए और भाजपा पर ‘बदले की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी के कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ मिनट बाद ही उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को घटनाक्रम तेजी से बदला। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया और इसके कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के समय को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल उठाए और भाजपा पर ‘बदले की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी के कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ मिनट बाद ही उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई।
ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल क्यों उठाया?
ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा कि जैसे ही उनके गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का एलान किया, उसके कुछ मिनट बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सवाल किया कि गिरफ्तारी अभी ही क्यों हुई। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा पुराने मामले निकालने के अपने ‘पुराने फॉर्मूले’ पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का समय गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि यह कार्रवाई उनके गुट की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा के तुरंत बाद हुई।
मिलन प्रधान को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रधान इस मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। उन्हें शनिवार को हल्दिया की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। खास बात यह है कि शनिवार को ही नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की समय सीमा भी खत्म हो रही है। इसलिए गिरफ्तारी के बाद इस चुनाव की तस्वीर और महत्वपूर्ण हो गई है।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन क्यों दिया?
ममता बनर्जी के गुट ने पहले नंदीग्राम उपचुनाव में अपनी उम्मीदवार संचित्ता प्रधान डे को मैदान में उतारा था। लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय नबान्न में मुलाकात के बाद चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी के गुट के पास नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार नहीं रहा। शुक्रवार को ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया। उन्होंने कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताते हुए कहा कि यह फैसला इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के लिए किया गया है। समर्थन के एलान के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हो गई।
आज नंदीग्राम में क्या-क्या हुआ और आगे क्या हो सकता है?
- शुक्रवार को पहले ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचित्ता प्रधान डे ने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नाम वापस लिया।
- इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके कुछ ही समय बाद प्रधान की पुराने हत्या मामले में गिरफ्तारी की खबर सामने आई।
- ममता ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की कथित ‘बदले की राजनीति’ से जोड़ते हुए चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हेरफेर, वोट लूट और डराने-धमकाने’ की राजनीति से लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि, ये आरोप ममता बनर्जी ने लगाए हैं।
- अब शनिवार को नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद नंदीग्राम में अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

