लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Up:कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को छूट रहे पसीने, इन जिलों में 500 तक हो गई संख्या – Up: Forest Workers Are Struggling To Protect Against Leopards On The Kanwar Route, With The Number Reaching 50

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को पसीने छूट रहे हैं। बिजनौर और उससे सटे क्षेत्रों में इनकी संख्या करीब 500 हो चुकी है। बंध्याकरण जैसे स्थाई समाधान की दिशा में काम नहीं हो रहा है। इससे वन विभाग के फील्ड स्टाफ के सामने भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। पकड़े गए तेंदुओं को कहां छोड़ें, इसको लेकर भी समस्याएं आ रही हैं।

बिजनौर और उससे लगे क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों में मानव-तेंदुआ संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। जनवरी 2023 से अब तक तेंदुओं के हमलों में 33 से लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। वन कर्मी बताते हैं कि उन्हें हाल ही में निर्देश मिले हैं कि कांवड़ रूट पर लगातार निगरानी की जाए, जिससे तेंदुओं के हमले की कोई भी घटना सामने नहीं आए।

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करते हैं कि मौजूदा समय में वन कर्मियों की जितनी संख्या है, उसके हिसाब से इतने बड़े क्षेत्र में चौबीसो घंटे निगरानी रखना आसान काम नहीं है। हर साल तेंदुओं की संख्या में 50-60 की वृद्धि हो रही है। तंदुओं का बंध्याकरण (नसबंदी) कारगर उपाय हो सकता है। महाराष्ट्र में इनकी नसबंदी की अनुमति भी संबंधित अथॉरिटी से मिल चुकी है, लेकिन यूपी में यह फाइल कहीं धूल फांक रही है। नतीजतन, दिनोंदिन समस्या बढ़ती जा रही है।

स्थानीय वन अधिकारी बताते हैं कि तेंदुओं को न पकड़ो तो स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। अगर पकड़ लो तो फिर यह निर्णय लेने में दिक्कत आती है कि इन्हें कहां छोड़ना है। पहले ललितपुर, चित्रकूट या यूपी-उत्तराखंड सीमा के जंगलों में इन्हें छोड़ देते थे या फिर चिड़ियाघरों में भेज दिया जाता था। अब चिड़ियाघरों में भी तेंदुओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है। वहीं, जिन जंगलों में छोड़ते थे, वहां भी ये तेंदुए स्थानीय लोगों के लिए समस्या बन जाते हैं। इसलिए वहां भी स्थानीय प्रशासन और लोग तेंदुए छोड़ने पर एतराज जता रहे हैं।

इस संबंध में वन बल प्रमुख सुनील चौधरी का कहना है कि वन्यजीव विंग से जुड़े अधिकारी बंध्याकरण मामले का अध्ययन कर रहे हैं। पीलीभीत में लेपर्ड सफारी परियोजना पर भी विचार हो रहा है। जल्द ही समाधान की उम्मीद है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Explainer:पायलट नशे में या नहीं, एयरलाइन-dgca कब-कैसे करती हैं पहचान; क्या है नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान? – Air India Phuket Delhi Flight Turbulence Case Dgca Rules For Dope Test Pilot After Claims Of Positive Result

Kanpur-lucknow Expressway:लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हुआ ये एक्सप्रेसवे, कल फिर 10 जगह धंसी सड़क – Kanpur-lucknow Expressway: Road Caves In At 10 Locations Again In A Single Day.

Astronomical Event:बुधवार रात टूटे तारों से सजेगा ब्रह्मांड, आसमान में बरसेंगे उल्कापिंड; दिखेंगे मोहक नजारे – Astronomical Event: The Cosmos Will Be Adorned With Shooting Stars On Wednesday Night.

Lok Sabha:ncdc का दायरा बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश करेगी सरकार, सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा? – Ncdc Amendment Bill 2026 Government To Expand Cooperative Body Powers Allow Direct Loans And Grants

Jharkhand Protests:विधानसभा घेराव से पहले पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग – Jharkhand Police High Alert Jpsc Jssc Aspirants Assembly Gherao Barbed-wire Barricades For Students In Ranchi

फर्रुखाबाद में दर्दनाक हादसा:ट्रक से कुचलकर तीन कांवड़ियों की मौत, दो लोग घायल – Farrukhabad: Three Kanwariyas Crushed To Death By A Truck; Two Injured

Leave a Comment