सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम नगझर में आबकारी विभाग की कार्रवाई सोमवार को विवादों में घिर गई। कथित अवैध देशी शराब बनाने की शिकायत पर सीधी से पहुंची आबकारी टीम ग्रामीणों के सवालों से घिर गई और बहस के बाद बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोमवार शाम करीब 4 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें एक आरक्षक का बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग की टीम दद्दू केवट के घर कथित रूप से बनाई जा रही देशी शराब की शिकायत पर पहुंची थी। ग्रामीणों का दावा है कि टीम को मौके पर शराब भी मिली, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारी ग्रामीणों से बहस में उलझ गए और बाद में बिना जब्ती या प्रकरण दर्ज किए लौट गए। सरपंच प्रतिनिधि उपेंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि टीम में तीन आरक्षक और दो सादे कपड़ों में कर्मचारी आए थे, लेकिन किसी ने भी नेम प्लेट नहीं पहन रखी थी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों से परिचय पूछने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पांडे का कहना है कि दद्दू केवट के यहां शराब मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई और पूरी टीम वापस चली गई।
ग्रामीणों ने आबकारी अमले से सवाल किया कि विभाग केवल गरीब और छोटे स्तर पर शराब बनाने वालों पर कार्रवाई करता है, जबकि गांव के माध्यमिक विद्यालय से करीब 100 मीटर की दूरी पर खुलेआम देसी और विदेशी शराब बेची जा रही है। उनका आरोप है कि लाइसेंसधारी ठेकेदार रोज गांव में शराब पहुंचाते हैं, जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत की ओर से कई बार की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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बहस के दौरान मौजूद एक आबकारी आरक्षक का बयान भी वीडियो में कैद हुआ। आरक्षक ने कहा, उमा भारती जब मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने भी शराब रोकने का प्रयास किया। जब वह नहीं रोक पाईं तो हम क्या रोक पाएंगे? शराब तो बिकती रहेगी। यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
जब इस संबंध में आबकारी विभाग के अधिकारी एस.के. सिंह से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा, मैं आपको कोई जानकारी नहीं दूंगा, और फोन काट दिया। वहीं, सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि पुलिस लगातार अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र में दबिश देकर कार्रवाई की जाती है और पिछले एक सप्ताह से जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला आबकारी विभाग से संबंधित है, इसलिए इस विशेष प्रकरण की विस्तृत जानकारी आबकारी विभाग ही दे सकता है।
फिलहाल वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोपों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस पूरे मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट करता है या नहीं।


