अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर एंड्रयू बेली ने पद से इस्तीफा देने का एलान किया है। बेली ने सोमवार को बताया कि वह एक साल से कुछ अधिक समय तक इस जिम्मेदारी को निभाने के बाद एफबीआई से अलग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए मिसौरी लौटेंगे। इस्तीफे के साथ उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और एफबीआई निदेशक काश पटेल को एजेंसी में सेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया।
बेली को अगस्त 2025 में एफबीआई का सह-डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। उन्होंने डैन बोंगिनो के साथ यह जिम्मेदारी संभाली थी। एफबीआई में लंबे समय से एक समय में केवल एक डिप्टी डायरेक्टर होता था और यह पद एजेंसी में निदेशक के बाद दूसरे नंबर का माना जाता है। बेली की नियुक्ति इसी वजह से अलग रही। वह मिसौरी के पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थक माने जाते हैं। बोंगिनो के पद छोड़ने के बाद भी बेली इस पद पर बने रहे। इसके बाद जनवरी में एफबीआई ने अनुभवी अधिकारी क्रिस्टोफर राइया को भी डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया, जो काश पटेल के अधीन काम करने लगे।
एंड्रयू बेली ने एक साल बाद इस्तीफा क्यों दिया?
बेली ने अपने इस्तीफे की वजह के तौर पर परिवार के साथ समय बिताने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह गर्व के साथ अपने पद से हट रहे हैं और अब मिसौरी में अपने परिवार के पास लौटेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि एफबीआई निदेशक काश पटेल एजेंसी में सुधार का काम आगे जारी रखेंगे। बेली ने पटेल के नेतृत्व में हिंसक अपराध से मुकाबला करने, देश की सुरक्षा की रक्षा करने, संगठन में मजबूत जवाबदेही सुनिश्चित करने और एफबीआई के प्रति लोगों का भरोसा बहाल करने की बात कही। उन्होंने ट्रंप, टॉड ब्लांश और पटेल को एफबीआई में सेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
एफबीआई में बेली की नियुक्ति के समय क्या स्थिति थी?
बेली की नियुक्ति अगस्त 2025 में ऐसे समय हुई थी, जब एफबीआई और न्याय विभाग के नेतृत्व के बीच जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को जारी करने के तरीके को लेकर तनाव था। उस समय बेली को डैन बोंगिनो के साथ सह-डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया था। एफबीआई में इससे पहले वर्षों तक एक ही डिप्टी डायरेक्टर रखने की व्यवस्था रही थी। बोंगिनो के जाने के बाद भी बेली ने अपनी जिम्मेदारी जारी रखी। फिर जनवरी में अनुभवी एजेंट क्रिस्टोफर राइया को भी डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया। इस तरह एजेंसी में एक समय दो डिप्टी डायरेक्टर की व्यवस्था बनी रही।
बेली ने ट्रंप और काश पटेल के बारे में क्या कहा?
बेली ने इस्तीफे के संदेश में राष्ट्रपति ट्रंप, अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और काश पटेल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई में सेवा करने का अवसर उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। बेली ने पटेल पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह एजेंसी में सुधार जारी रखेंगे और हिंसक अपराध के खिलाफ कार्रवाई, देश की सुरक्षा, संगठनात्मक जवाबदेही तथा जनता का भरोसा बहाल करने के लिए काम करेंगे। पटेल ने भी बेली की सेवा की तारीफ की और उनके काम तथा महत्वपूर्ण सुधारों को लागू करने में योगदान का जिक्र किया।
एफबीआई में बेली के कार्यकाल के दौरान कौन सी प्रमुख कार्रवाई हुई?
डिप्टी डायरेक्टर के रूप में बेली का सार्वजनिक प्रोफाइल काफी सीमित रहा। हालांकि, जनवरी में वह जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में एफबीआई एजेंटों की एक कार्रवाई के दौरान मौजूद थे। एजेंटों ने एफबीआई की चुनाव धोखाधड़ी जांच के तहत वहां मुख्य चुनाव कार्यालय में तलाशी वारंट लागू किया था। अब बेली ने एफबीआई से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि वह मिसौरी लौटकर परिवार के साथ समय बिताएंगे। उनके इस्तीफे के बाद एफबीआई के शीर्ष नेतृत्व में एक और बदलाव हुआ है।
