मुंबई में इंस्टाग्राम पर सट्टेबाजी के एक चीनी एप का प्रचार करने वाले रील क्रिएटर्स का विरोध करना एक सोशल मीडिया क्रिएटर को भारी पड़ गया। पिछले आठ महीनों से वह ऐसे रील बनाने वालों के खिलाफ रोस्ट और काउंटर वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक कर रहा था। मुंबई की पवई पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश में उसका रविवार को अपहरण कर चलती गाड़ी में उसकी बेरहमी से मारपीट की गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर मामले का चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी दत्तात्रय नलावडे ने सोमवार को बताया कि पीड़ित फ्रीलांस काम करता है और इंस्टाग्राम पर रील बनाता है। पिछले करीब आठ महीनों से कुछ चर्चित रील क्रिएटर एक चीनी सट्टेबाजी एप डाउनलोड करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे थे। पीड़ित को यह गलत लगा, इसलिए उसने लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे एप्स के खिलाफ लगातार रोस्ट और काउंटर वीडियो पोस्ट करने शुरू कर दिए। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रतीक शिंदे भी उसी एप का प्रचार करता था। पीड़ित ने उसकी बनाई रील्स को भी रोस्ट किया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। करीब पांच-छह महीने पहले अनिकेत नाम के एक व्यक्ति ने पीड़ित को फोन कर सट्टेबाजी एप के खिलाफ वीडियो बनाना बंद करने की धमकी भी दी थी। इसके बावजूद वह लगातार ऐसे वीडियो बनाता रहा, जिससे आरोपी उससे रंजिश रखने लगे।
पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन शाम को पीड़ित पवई के पंचकुटीर इलाके में पहुंचा था। वहां आरोपी यश बाबरे ने उसे बातचीत के बहाने सड़क किनारे खड़ी काले रंग की स्कॉर्पियो के पास बुलाया और जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि गाड़ी के भीतर पहले से मौजूद लोगों ने उसका मुंह दबा दिया, गर्दन पर पैर रखकर चाकू से जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। समीर कुचेकर उर्फ एसके नामक आरोपी ने भी उस पर हमला किया।
चलती गाड़ी में आरोपियों ने पीड़ित की हाथ-पैरों और डंडे से पिटाई की। पीड़ित ने देखा कि आगे की सीट पर प्रतीक शिंदे बैठा था, जबकि गाड़ी अनिकेत चला रहा था। आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी वीडियो भी बना रहे थे। इसी दौरान प्रतीक शिंदे ने उससे पूछा कि वह उनके सट्टेबाजी एप के खिलाफ वीडियो क्यों बनाता है। करीब एक घंटे तक मारपीट और धमकाने के बाद आरोपी उसे नवी मुंबई में कलंबोली उपनगर में छोड़कर फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित ने पहले इलाज कराया और फिर पवई पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सबसे पहले यश बाबरे को गिरफ्तार किया। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पुणे के भिगवण में छापेमारी कर प्रतीक शिंदे, अनिकेत और समीर कुचेकर को भी गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी नलावडे ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

