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भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार ने जुलाई में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण 66 प्रतिशत से अधिक उछलकर लगभग 3.3 लाख यूनिट्स के स्तर पर पहुंच गया। इसकी तुलना में जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 2 लाख यूनिट्स से थोड़ा ही कम था।
इस शानदार तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण रहे:
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: ईंधन के ऊंचे दामों ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया।
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विकल्पों की विविधता: बाजार में नए मॉडल और विकल्प उपलब्ध होने से ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी।
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डीलर नेटवर्क का विस्तार: कंपनियों द्वारा अपने डीलर नेटवर्क का दायरा बढ़ाने से गाड़ियों तक ग्राहकों की पहुंच आसान हुई।
इससे पहले बीते जून में देश भर में 3.1 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया गया था।

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Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter
– फोटो : Chetak
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 2 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा कैसे पार हुआ?
पूरे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की इस जबरदस्त बढ़त में सबसे मुख्य भूमिका दोपहिया वाहनों की रही। जिन्होंने पहली बार एक महीने में 2 लाख की बिक्री का आंकड़ा पार किया है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री के प्रमुख आंकड़े:
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2,04,201 यूनिट्स का नया रिकॉर्ड:
जुलाई में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बढ़कर 2,04,201 यूनिट्स पर पहुंच गया। यह आंकड़ा जून के लगभग 1.95 लाख और पिछले साल की इसी अवधि (जुलाई 2025) के लगभग 1.1 लाख यूनिट्स की तुलना में काफी ज्यादा है।
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कुल दोपहिया बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी:
महीने के दौरान पंजीकृत कुल दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक मॉडलों की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 11.2 प्रतिशत हो गई, जो जून में 10.6 प्रतिशत थी।
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औसत मासिक पंजीकरण में भारी उछाल:
साल 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का औसत मासिक पंजीकरण बढ़कर लगभग 1.7 लाख यूनिट्स हो गया है, जो पिछले साल 1.1 लाख यूनिट्स था।
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ग्राहकों की बढ़ती स्वीकार्यता:
यह वृद्धि दर्शाती है कि ग्राहकों के बीच अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है और विभिन्न बजट श्रेणियों में स्कूटरों की उपलब्धता भी बढ़ी है।

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TVS iQube Celebration Edition
– फोटो : TVS
दोपहिया वाहन कंपनियों का जुलाई महीने में प्रदर्शन कैसा रहा?
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में विभिन्न कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला:
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टीवीएस मोटर का दबदबा:
टीवीएस मोटर ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जुलाई में 55,465 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण कराया, जो जून के 47,418 यूनिट्स से अधिक है।
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बजाज ऑटो दूसरे स्थान पर कायम:
बजाज ऑटो 45,562 चेतक पंजीकरणों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जो पिछले महीने के 43,505 यूनिट्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है।
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एथर एनर्जी तीसरे पायदान पर:
एथर एनर्जी तीसरे स्थान पर रही, हालांकि इसका पंजीकरण जून के 31,440 यूनिट्स से थोड़ा घटकर 30,317 यूनिट्स रह गया।
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हीरो मोटोकॉर्प के विडा की बिक्री बढ़ी:
हीरो मोटोकॉर्प के विडा ने अपनी बिक्री में सुधार किया और इसका आंकड़ा जून के 21,893 यूनिट्स से बढ़कर 22,883 यूनिट्स पर पहुंच गया।
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ओला इलेक्ट्रिक के आंकड़ों में गिरावट: ओला इलेक्ट्रिक के पंजीकरण में कमी दर्ज की गई, जो जून के 16,249 यूनिट्स से गिरकर 14,102 यूनिट्स पर आ गया।

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Tata Punch EV
– फोटो : Tata Motors
इलेक्ट्रिक चार-पहिया सेगमेंट में कैसा माहौल रहा?
जून में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज करने के बाद, जुलाई में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स (कार और एसयूवी) की गति में थोड़ी सुस्ती देखी गई।
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पंजीकरण में हल्की गिरावट:
इस सेगमेंट में पंजीकरण पिछले महीने के 33,441 यूनिट्स से घटकर 32,660 यूनिट्स पर आ गया। हालांकि, यह गिरावट के बावजूद एक साल पहले की तुलना में काफी अधिक बना हुआ है।
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टाटा मोटर्स की बादशाहत बरकरार:
इलेक्ट्रिक कार और एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स ने अपनी बढ़त मजबूती से कायम रखी। कंपनी का पंजीकरण जून के 12,766 यूनिट्स से बढ़कर जुलाई में 13,568 यूनिट्स हो गया।


