पुणे में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने तिलक के निर्भीक राष्ट्रवादी विचारों और अजीत डोभाल द्वारा तैयार किए गए आधुनिक भारत के सुरक्षा ढांचे के बीच समानता स्थापित की। उन्होंने कहा कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के क्षेत्र में डोभाल का योगदान ऐसा है कि जब भी देश का इतिहास लिखा जाएगा, उनके लिए एक स्वर्णिम पन्ना अवश्य सुरक्षित रखा जाएगा।

पीएम मोदी ने डोभाल को ही क्यों चुना?
प्रधानमंत्री मोदी की तीनों सरकार में डोभाल ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर रहे हैं। उनकी इस पद पर नियुक्ति को लेकर गृह मंत्री ने खुलासा करते हुए कहा कि पहले भारत की विदेश नीति में दृढ़ता का अभाव दिखाई देता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अजीत डोभाल की रणनीतिक भूमिका ने इसे पूरी तरह बदल दिया। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया। आज भारत की विदेश नीति मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ दुनिया के सामने खड़ी है। इसमें अब इस्पात जैसी मजबूती है, जिसे कोई नकार नहीं सकता।’
कैसे हुई दोनों की पहचान?
अमित शाह ने गुजरात के गृह मंत्री रहने के दिनों का एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि अहमदाबाद में सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अजीत डोभाल से चर्चा करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा, ‘उस समय मेरी अजीत जी से कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं थी। वे मेरे घर आए और उन्होंने जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्हीं सुझावों के आधार पर गुजरात पुलिस ने न केवल अहमदाबाद बम धमाकों का सफलतापूर्वक खुलासा किया, बल्कि देशभर में हुए 13 बम धमाकों के मामलों की गुत्थी भी एक साथ सुलझाने में सफलता हासिल की। यह बेहद बड़ी उपलब्धि थी।’
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लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार को अमित शाह ने प्रेरणा का माध्यम क्यों बताया?
अमित शाह ने कहा कि ऐसे पुरस्कार केवल सम्मान देने की औपचारिकता नहीं होते, बल्कि समाज की ओर से उन व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम होते हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। जब ऐसे लोगों का सम्मान होता है तो समाज उनके प्रति अपना ऋण कुछ हद तक चुकाता है। साथ ही, उनका जीवन और कार्य नई पीढ़ी तथा देश के लिए समर्पित हर नागरिक को प्रेरणा देते हैं। अजीत डोभाल को दिया गया लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार भी आने वाले समय में देशसेवा की भावना रखने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।’

