[
- Hindi News
- Business
- PM Modi Objectionable Video Case | FIR Against Meta India Head & Noida Woman
हैदराबाद/नोएडा3 मिनट पहले

- कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर किए जाने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये वीडियो कहां से शुरू हुए और क्या इनसे जनता को गुमराह किया गया। वहीं दूसरी ओर नोएडा पुलिस ने भी पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में एक महिला पर जीरो एफआईआर दर्ज की है।

हैदराबाद में 2 अलग-अलग केस दर्ज
हैदराबाद पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत की गई है। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के हैंडलर्स को आरोपी बनाया है, जबकि मेटा के इंडिया हेड को दोनों मामलों में सह-आरोपी के रूप में नामजद किया है।
मेटा के फर्जी कंटेंट रोकने वाले सिस्टम्स की जांच हो रही
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पीएम मोदी के इन मॉर्फ्ड एआई वीडियो को किसने तैयार किया, किसने अपलोड किया और इसे कैसे फैलाया गया। इसके साथ ही मेटा के प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर फर्जी कंटेंट रोकने वाले सेफगार्ड्स और सिस्टम्स की भी जांच हो रही है।
पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या कंपनी का सिस्टम इन एआई वीडियोज के फैलाव को समय रहते रोकने में सक्षम था या नहीं। जांच अधिकारी BNS और IT एक्ट के तहत संभावित उल्लंघनों की समीक्षा कर रहे हैं। जांच अभी शुरुआती फेज में है और फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन से शुरू हुआ मामला
पुलिस जांच के अनुसार, पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले ये आपत्तिजनक और मार्फ्ड वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र आंदोलन के समय से फैलाए जा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था।
पुलिस अधिकारी का बयान- आरोपियों की तलाश जारी
मामले की जांच कर रहे हैदराबाद साइबर क्राइम के एक जांच अधिकारी ने बताया कि हमने दर्ज मामलों और शिकायतकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए आपत्तिजनक लिंक्स को लेकर मेटा को नोटिस जारी कर दिया है।
हम आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
एफआईआर से पहले मेटा अधिकारियों को समन जारी हुआ था
सूत्रों के मुताबिक, हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से कुछ दिन पहले ही मेटा के प्रतिनिधियों को समन जारी किया था। पुलिस ने उनसे प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड स्कैम, फर्जी विज्ञापन और हेरफेर किए गए कंटेंट को डिटेक्ट और रिमूव करने वाले सिस्टम के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था।
मामला दर्ज होने के बाद मेटा के प्रतिनिधि ने जांच अधिकारियों के सामने पेश होकर कंपनी के कंटेंट मॉडरेशन और अनुपालन (कंप्लायंस) उपायों की जानकारी दी है। हालांकि, मेटा की ओर से इस एफआईआर पर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नोएडा में महिला पर एफआईआर, पीएम पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
एक अन्य मामले में, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर नोएडा में एक महिला पर जीरो FIR दर्ज की गई है।
गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के सेक्टर 168 की रहने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ एक्सप्रेसवे थाने में यह केस दर्ज किया गया है।
BNS की 3 धाराओं में केस दर्ज, संवैधानिक पद के अपमान की शिकायत
शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ “अभद्र और आपत्तिजनक” भाषा का प्रयोग किया था। इससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और समाज में नफरत फैलाने व शांति भंग करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने महिला पर BNS की धारा 352 (शांति भंग करने के लिए उकसाना), 353(1) (लोक उपद्रव से जुड़े बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया है।
पीएम मोदी की पोस्ट हटने पर केंद्र सरकार सख्त
यह एफआईआर ऐसे समय में सामने आई है जब मेटा केंद्र सरकार के भी निशाने पर है। हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शनों के बीच 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर अपलोड और फेसबुक पर शेयर की गई पीएम मोदी की पहली डायरेक्ट सेल्फी वीडियो पोस्ट को प्लेटफॉर्म ने थोड़ी देर के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि बाद में इसे रीस्टोर कर दिया गया था।
मेटा ने इसे अपने AI मॉडरेशन सिस्टम का तकनीकी ग्लिच बताया था। इस सफाई से केंद्र सरकार संतुष्ट नहीं है। सरकार ने कंपनी के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को समन भेजा है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि कंपनी ने गलती स्वीकार कर माफी तो मांग ली है, लेकिन उनका स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है और सरकार अधिक विवरण मांग रही है।

क्या होता है AI-जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए किसी भी असली व्यक्ति के चेहरे, हाव-भाव और आवाज की हूबहू नकल करके फर्जी वीडियो तैयार किया जा सकता है।
ऐसे वीडियो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं और इनका इस्तेमाल जनता के बीच भ्रम फैलाने, फर्जी विज्ञापन चलाने या किसी शख्सियत की छवि खराब करने के लिए किया जा सकता है। कानूनन यह आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गंभीर अपराध है।
क्या होती है जीरो FIR?
आमतौर पर जब कोई अपराध होता है, तो घटना वाले क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस स्टेशन में ही FIR दर्ज की जाती है। लेकिन ‘जीरो एफआईआर’ के तहत पीड़ित किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है, भले ही अपराध उस थाना क्षेत्र में न हुआ हो। बाद में इस FIR को जांच के लिए संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
ये खबर भी पढ़ें…
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज: 5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

