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क्या आपका बच्चा नए लोगों के सामने चुप हो जाता है? ऐसे दूर करें उसकी झिझक

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Parenting Tips: अगर आपके घर पर एक से ज्यादा बच्चे हैं, तो आपको यह बात बहुत ही अच्छे से पता होगी कि वे एक दूसरे से कितने ज्यादा अलग हैं. हो सकता है कि आपका एक बच्चा आसानी से दोस्त बना लेता हो, वहीं आपका दूसरा बच्चा नए लोगों से घुलने मिलने में ज्यादा समय लगाता हो. अगर आपका बच्चा भी अनजान लोगों के सामने चुप रहने लगता है, मेहमानों को देखकर कहीं छुप जाता है या फिर ज्यादातर समय अकेले रहना पसंद करता है, तो आपको टेंशन लेने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. यह कोई बीमारी या फिर बड़ी प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि वह ऐसा सिर्फ अपने अंदर की झिझक और शर्मीलेपन की वजह से कर रहा है. अगर आपके घर पर इस तरह का बच्चा है, तो आज का यह आर्टिकल आपके काम का होने वाला है. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चे को दूसरों से जल्दी घुलने मिलने के लिए बेहतर तरीके से मोटिवेट कर पाएंगे. तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में विस्तार से.

shy kids parenting tips
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बच्चे पर जबरदस्ती प्रेशर न बनाएं

जब भी घर पर कोई मेहमान आता है, तो अक्सर पैरेंट्स बच्चों पर उनसे मिलने के लिए प्रेशर बनाने लगते हैं. पैरेंट्स अपने बच्चे से कहते हैं कि “चलो अंकल को नमस्ते करो” या फिर “कोई पोयम सुना दो”. अगर आपका बच्चा मना कर दे या फिर शर्माने लगे, तो उसे गलती से भी सभी के सामने डांटना नहीं चाहिए. अगर आप अपने बच्चे से जबरदस्ती करते हैं, तो वह डर जाता है और अगली बार किसी से भी मिलने से घबराने लगता है. अगर आपका बच्चा दूसरों से घुल मिल नहीं पाता है तो उसे थोड़ा समय दें. जब वह खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करेगा, तो धीरे धीरे बात करने लगेगा.

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बच्चे पर शर्मीला होने का ठप्पा न लगाएं

अक्सर पैरेंट्स दूसरों के सामने बोल देते हैं कि “अरे! यह तो है ही बहुत शर्मीला, किसी से बात ही नहीं करना चाहता.” अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आपकी ये बातें बच्चे के दिमाग में बैठ जाती हैं. बच्चा खुद मान लेता है कि उसका स्वभाव ऐसा ही है और वह खुद को बदलने की कोशिश करना भी छोड़ देता है. दूसरों के सामने अपने बच्चे की कमियां निकालने की जगह उसकी अच्छी बातों की तारीफ करें. अगर तारीफ न कर सकें, तो सिर्फ इतना ही कह दें कि उसे नए लोगों से घुलने मिलने में थोड़ा सा समय लगता है.

छोटे-छोटे स्टेप्स से शुरुआत करें

अगर आपका बच्चा बहुत ही ज्यादा शर्मीला है, तो उसे अचानक से बहुत सारे लोगों या फिर बड़ी भीड़ के बीच ले जाने की गलती कभी भी न करें. शुरुआत हमेशा ही एक छोटे लेवल से करें. आप अगर चाहें तो उसके एक या दो दोस्तों को घर पर ही उसके साथ खेलने के लिए बुला सकते हैं. जब आपका बच्चा कुछ लोगों के साथ आसानी से घुलने मिलने लग जाए, तो धीरे धीरे उसे पार्क, फैमिली फंक्शन या फिर शादी ब्याह जैसे ओकेजंस में ले जाना शुरू करें.

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बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं

अगर आपका बच्चा दूसरों से मिलने जुलने में झिझक रहा है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह हो सकती है कॉन्फिडेंस की कमी. जब भी आपका बच्चा कोई छोटा सा भी काम अच्छे से करे, तो दिल खोलकर उसकी तारीफ करें. एग्जाम्पल के लिए अगर आपका बच्चा दुकानदार से खुद चॉकलेट मांग ले या फिर अनजान व्यक्ति को देखकर स्माइल कर दे, तो उसे शाबाशी दें और उसकी तारीफ भी करें. आपके ऐसा करने से उसका हौसला बढ़ने लगेगा और उसे लगेगा कि बाहरी लोगों से बात करना कोई मुश्किल काम नहीं है.

खेल-खेल में बच्चे को सिखाएं

आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन आप अपने बच्चे को घर पर ही खेल खेल में बातचीत करना सिखा सकते हैं. जैसे, आप खुद एक दुकानदार बन जाइए और बच्चे से कहिए कि वह कस्टमर बनकर आपसे सामान खरीदे. यही नहीं, आप एक नए दोस्त का रोल निभा सकते हैं और बच्चे को आपसे हाथ मिलाना सिखा सकते हैं. इस तरह के मजेदार खेल खेलने से बच्चे के मन का डर दूर होता है और उसे सही तरीके से बात करना आ जाता है.

उसकी बातों को ध्यान से सुनें

अगर आपका बच्चा दूसरों से घुलने मिलने में हिचकिचाता है, तो इस समस्या से उसे बाहर निकालने के लिए सबसे पहले अपने घर के माहौल को बदलें. घर के माहौल को ऐसा बनाएं कि आपका बच्चा अपनी बातों को खुलकर कह पाए. अगर आपका बच्चा किसी बात से डर रहा है या फिर परेशान रहता है, तो उसकी बातों को ध्यान से सुनें और उसे प्यार से समझाएं भी. जब बच्चे को घर में पूरा प्यार और सम्मान मिलता है, तो उसके अंदर का डर खत्म हो जाता है और वह बाहर की दुनिया का सामना आसानी से कर पाता है.

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