- कोच, स्टाफ की आय पर भी कर, US छूट नहीं.
Spain FIFA World Cup prize money:स्पेन ने बीते रविवार को 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया.
खिताब जीतने वाली स्पेनिश टीम को ईनाम स्वरूप 50 मिलियन डॉलर (करीब 481 करोड़ रुपये) भी मिला, जो पुरुषों के विश्व कप के इतिहास में किसी भी विजेता टीम को दी जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी राशि है. यह रकम 2022 में अर्जेंटीना को दी गई 8 मिलियन डॉलर की ईनामी राशि से भी ज्यादा है.
स्पेन को नहीं मिलेगी पूरी रकम
बताया जा रहा है कि स्पेन को यह रकम पूरी नहीं मिलने वाली है क्योंकि US इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) इसका कुछ हिस्सा टैक्स के रूप में वसूलेगी. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस साल वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका ने भी की थी.
अमेरिकी टैक्स कानून के मुताबिक, अमेरिकी सीमा के भीतर की गई कमाई या पुरस्कार राशि पर टैक्स देना अनिवार्य है. भले ही वह टीम या खिलाड़ी किसी दूसरे देश से ही क्यों न हो. जानकार भी यही कहते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा देश वर्ल्ड कप जीतता है, IRS अमेरिका में हुई कमाई पर टैक्स वसूलेगा ही. फेडरल टैक्स के अलावा, खिलाड़ियों को न्यू जर्सी जैसे राज्यों का प्रांतीय टैक्स भी चुकाना होगा, जहां फाइनल मैच खेला गया था.
इनसे भी टैक्स वसूलने की है तैयारी
बताया यह भी जा रहा है कि IRS सिर्फ खिलाड़ियों से ही नहीं, बल्कि कोच, टीम स्टाफ और रेफरी से भी टैक्स वसूल सकता है, जिन्होंने अमेरिका में टूर्नामेंट के दौरान बंपर पैसे कमाए. इस बार वर्ल्ड कप में कुल 655 मिलियन डॉलर की इनामी राशि थी, जिसे हिस्सा लेने वाली 48 राष्ट्रीय टीमों के बीच उनके प्रदर्शन के आधार पर बांटा गया.
इनामी राशि के अलावा, कई खिलाड़ी स्पॉन्सरशिप, एंडोर्समेंट डील, पेड अपीयरेंस और वर्ल्ड कप से जुड़ी दूसरी कमर्शियल एक्टिविटीज से भी अतिरिक्त पैसे कमाते हैं. इस अतिरिक्त कमाई पर भी टैक्स देना पड़ सकता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा कहां कमाया गया है. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्स के मामले में वर्ल्ड कप सबसे मुश्किल स्पोर्ट्स इवेंट्स में से है.
बता दें कि पिछले विश्व कप में कतर और ब्राजील जैसे देशों ने फीफा को टैक्स छूट दी थी, लेकिन अमेरिका इनकी तरह खिलाड़ियों की कमाई को टैक्स के दायरे से बाहर रखने के मूड में कतई नहीं है.
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