अमेरिका-ईरान के बीच तकरीबन चार महीने से युद्ध जारी है। इस संघर्ष में बीच में एक दौर संघर्ष विराम का भी आया, जब दोनों ही देश कुछ शर्तों के साथ युद्ध रोकने के लिए तैयार हो गए। इस अंतरिम समझौते में एक शर्त ईरान के परमाणु संवर्धन को आगे न बढ़ाने की थी। हालांकि, न तो शांति का यह दौर ज्यादा दिन नहीं चला और न ही युद्ध रोकने की शर्तों पर ही दोनों देश कायम रह सके।
इस बीच सामने आया है कि ईरान ने अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूर्व के ठिकानों से हटाकर एक नई पहाड़ी शृंखला पिकैक्स में शिफ्ट कर दिया है। खबर है कि ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कुछ परमाणु ठिकानों में मौजूद परमाणु संवर्धन के लिए जरूरी सेंट्रीफ्यूजेस को इस पहाड़ी में पहुंचा दिया है। इसके अलावा एक और खबर ने पूरी दुनिया को चौंकाया है। यह खबर है अमेरिका के अचानक सऊदी अरब से परमाणु संवर्धन के समझौते को उच्चस्तरीय मंजूरी देने की। कई विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई है कि जो अमेरिका पहले ईरान को परमाणु संवर्धन से रोक रहा था, वही अब पश्चिम एशिया में एक और देश की परमाणु संवर्धन में मदद करने जा रहा है।