ईरान ने दो-टूक लहजे में कहा है कि जंग के बीच चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी सेना का हमला स्पष्ट ‘युद्ध अपराध’ है। इस जंग और टकराव पर GCC और अरब लीग की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ईरानी सेना की कार्रवाई की निंदा करते हुए अरब और खाड़ी देशों ने बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की है। भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी सेना की कार्रवाई को लेकर कहा, ‘शनिवार को चाबहार स्थित ईरान के शाहिद कलांतरी बंदरगाह पर अमेरिकी हमले में निगरानी टावर नष्ट हो गया। नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाए जाने की ये घटना ‘युद्ध अपराध’ है।
ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
शनिवार को एक्स हैंडल पर जारी एक बयान में भारत में ईरानी दूतावास ने कहा, अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन करते हुए चाबहार बंदरगाह पर हमले किए।दूतावास ने संपत्तियों की रक्षा और अमेरिका के दायित्वों का जिक्र करते हुए कहा, नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर, अमेरिका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है। सशस्त्र संघर्ष के दौरान अमेरिका ने संपत्तियों की रक्षा के अपने दायित्वों की भी अवहेलना की है।
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अमेरिका-ईरान जंग के बीच समझौता, अब तेहरान ने क्या कहा?
गौरतलब है कि करीब 110 दिनों की जंग के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। अब तेहरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सामने नहीं आए हैं। उनके नाम से जारी बयान सरकारी टेलीविजन पर तब पढ़ा गया। इस बयान से पहले अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।