राजोरी के बाद शनिवार को पाकिस्तान ने पुंछ जिले के नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे बालाकोट सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने तत्काल और प्रभावी जवाब दिया। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही, जिसके बाद दोपहर करीब 12 बजे गोलीबारी थम गई।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे पाकिस्तान की चौकियों से यूनिवर्सल मशीन गन (यूएमजी) समेत अन्य हथियारों से भारतीय चौकियों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक फायरिंग जारी रही।
इससे पहले शुक्रवार रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच एलओसी पर तैनात जवानों ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। आशंका है कि पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र से आतंकियों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ का प्रयास किया। इसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने गोलीबारी भी शुरू कर दी ताकि उसकी आड़ में आसानी से घुसपैठ कराई जा सके। इस पर पहले से अग्रिम चौकियों पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने स्थिति को भांपते हुए छोटे हथियारों से मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। भारत के कड़े जवाब पर सीमा पार से गोलीबारी बंद हो गई।
सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और बलोचिस्तान में बने हालात के बीच नियंत्रण रेखा पर उकसावे की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अतीत में भी पाकिस्तान आंतरिक परिस्थितियों से ध्यान भटकाने के लिए एलओसी पर तनाव बढ़ाने की कोशिश करता रहा है। हालांकि, इस आकलन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी हो चुके हैं कई प्रयास
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि तरकुंडी और राजोरी-पुंछ सेक्टर लंबे समय से घुसपैठ के प्रयासों के लिहाज से संवेदनशील रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने के कई प्रयास पहले भी किए जा चुके हैं, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता और मजबूत निगरानी के चलते अधिकांश प्रयास विफल रहे हैं। वहीं, पाकिस्तानी सेना ऐसी हरकतों से गुलाम जम्मू-कश्मीर में चल रही उथल-पुथल से देश और दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश में भी रहता है।
