वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट पलट गई। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक, तीन चालक दल के सदस्य और एक सहायक शामिल था। यह नाव होन मे रुत नगोआई द्वीप से एन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी।

आखिर हादसे के वक्त नाव में क्या हुआ?
हादसे में बच गए निर्मल कुमार ने एनडीटीवी से बातचीत में उस भयावह मंजर का आंखों देखा हाल बताया। उन्होंने कहा कि यह एक बंद स्पीडबोट थी, जिसमें 32 यात्री सवार थे। नाव रवाना होने के महज तीन मिनट बाद ही तेज तूफान की चपेट में आ गई और पलट गई। निर्मल ने कहा,’हम स्पीडबोट में यात्रा कर रहे थे। यह पूरी तरह बंद नाव थी और उसमें करीब 36 लोग मौजूद थे। नाव चलने के सिर्फ तीन मिनट बाद ही तेज तूफान आया और नाव पलट गई।’
कैसे बची कुछ लोगों की जान?
निर्मल के मुताबिक, नाव के आगे बैठे यात्रियों को सामने की खिड़की से बाहर निकलने का मौका मिल गया, लेकिन पीछे बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। उन्होंने बताया, ‘हममें से करीब 20 लोग सामने की खिड़की से कूदकर बाहर निकल आए। लेकिन पीछे बैठे 15 लोग नाव के अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई।’
दोस्त को बचाने की कोशिश क्यों नहीं हो सकी?
निर्मल कुमार ने बताया कि हादसे में उनके करीबी दोस्त पलानी निवासी मुरुगा प्रभु की भी मौत हो गई। उन्होंने उन्हें उसी खिड़की से बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा, ‘हम दोनों दोस्त हैं। मैंने उसे भी बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह खिड़की से बाहर नहीं निकल सका। वह नाव के अंदर ही फंस गया।’
दूतावास और स्थानीय प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई हुई?
निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें कोई सीधी जानकारी नहीं मिली है। मेरी जानकारी के मुताबिक अभी तक दूतावास ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है। हालांकि स्थानीय पुलिस यहां आकर पूरे मामले की जांच और पूछताछ कर रही है।”
यह पर्यटक दल किस यात्रा पर गया था?
निर्मल कुमार ने बताया कि पूरा समूह लावा मोबाइल्स की ओर से आयोजित यात्रा पर वियतनाम गया था। सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में दक्षिण भारत के करीब 110 लावा डिस्ट्रीब्यूटर और कर्मचारी शामिल थे।
हादसे के बाद कंपनी ने क्या कहा?
लावा मोबाइल्स ने एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि कंपनी के कुछ कर्मचारी और चैनल पार्टनर इस नाव में सवार थे। कंपनी ने बताया कि वह वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है ताकि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और हालात की जानकारी मिल सके। कंपनी ने कहा कि उसकी पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता पहुंचाना है। भारत और वियतनाम में मौजूद कंपनी की टीमें लगातार परिवारों के संपर्क में हैं और हर संभव मदद उपलब्ध करा रही हैं।
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अब भारत लौटने की योजना क्यों बदल गई?
निर्मल कुमार ने बताया कि समूह की भारत वापसी की फ्लाइट अगले दिन तय थी, लेकिन हादसे के बाद सभी ने फिलहाल वियतनाम में ही रुकने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘हमारी वापसी की टिकट कल की थी, लेकिन अब इस हादसे के बाद हम इंतजार कर रहे हैं कि आगे क्या व्यवस्था होती है। हम अपने दोस्त को अपने साथ वापस घर ले जाना चाहते हैं।’
