लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

E20:ईंधन पंप पर क्यों नहीं मिलेगा प्योर पेट्रोल, E10, E20 चुनने का विकल्प? पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताई वजह – Why You Can’t Choose Between Pure Petrol, E10, And E20: Petroleum Ministry Explains

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

भारत के पेट्रोल पंपों पर क्या ग्राहकों को प्योर पेट्रोल (बिना इथेनॉल वाला), E10 और E20 पेट्रोल के बीच अपनी पसंद का ईंधन चुनने की आजादी मिलेगी? पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को इस पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि पेट्रोल पंपों पर इन तीनों ईंधनों का अलग-अलग विकल्प मिलना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर में तीन अलग-अलग तरह के ईंधन की सप्लाई चेन को बनाए रखना लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद जटिल, आर्थिक रूप से नुकसानदेह और पूरी तरह से अनावश्यक होगा। 


सरकार का मजबूत पक्ष है कि E20 (20% इथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल) एक बेहद साफ, तकनीकी रूप से बेहतरीन ईंधन है। जिसे व्यापक टेस्टिंग और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के पूरे समर्थन के बाद ही बाजार में उतारा गया है। 




Why You Can't Choose Between Pure Petrol, E10, and E20: Petroleum Ministry Explains

E20 पेट्रोल डिस्पेंसर
– फोटो : AI


मंत्रालय क्यों कह रहा है कि E20 पेट्रोल सबसे बेस्ट है?

मंत्रालय ने बयान जारी कर E20 पेट्रोल की खूबियों को खुलकर सामने रखा है। इसके मुख्य बिंदु और उनके मायने नीचे समझाए गए हैं:

  • हाइयर ऑक्टेन रेटिंग और बेहतर पिकअप: E20 ईंधन में ऑक्टेन रेटिंग काफी ज्यादा होती है।

    • यानी इससे गाड़ी को बेहतर एंटी-नॉक (एंजन में खटखटाहट न होना) विशेषता मिलती है, ईंधन तेजी से जलता है, जिससे गाड़ी का पिकअप बेहतर होता है और एक्सीलरेशन (रफ्तार पकड़ना) बेहद स्मूथ हो जाता है।

  • इंजन का साफ संचालन और कम प्रदूषण: यह ईंधन इंजन को अंदर से साफ रखता है।

    • यानी इसके इस्तेमाल से पार्टिकुलेट एमिशन (बारीक प्रदूषण कण) न के बराबर निकलते हैं और यह गाड़ियों के पूरे लाइफसाइकिल कार्बन उत्सर्जन को करीब 40% तक कम कर देता है। सरल शब्दों में, यह प्योर पेट्रोल और E10 दोनों से बेहतर, शुद्ध और अधिक कुशल ईंधन है।


Why You Can't Choose Between Pure Petrol, E10, and E20: Petroleum Ministry Explains

E20 पेट्रोल
– फोटो : AI


क्या पुरानी गाड़ियों को ध्यान में रखकर ऑटो कंपनियों से बात की गई थी?

उपभोक्ताओं की चिंता और पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन की अनुकूलता को लेकर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाने का यह पूरा सफर अकेले नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री को साथ लेकर तय किया गया है:

  • वर्षों लंबी प्लानिंग और रिसर्च:

    इस बदलाव के लिए वाहन निर्माताओं, कल-पुर्जे बनाने वाले सप्लायर्स, टेस्टिंग एजेंसियों और रिसर्च संस्थानों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया था।

  • पहले से तय लक्ष्य:

    साल 2020-21 में ही E10 रोलआउट के दौरान वाहन निर्माताओं को इस योजना में शामिल कर लिया गया था। नतीजा यह रहा कि जून 2022 में भारत ने तय समय से 5 महीने पहले ही पेट्रोल में 10% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया।

  • सख्त टेस्टिंग के बाद मिली मंजूरी:

    E20 के लिए साल 2021 में ही रोडमैप को सार्वजनिक कर दिया गया था। इसे देश में लागू करने से पहले गाड़ी के पार्ट्स की अनुकूलता, इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल सिस्टम, टिकाऊपन, एमिशन और माइलेज जैसे हर एक पहलू की कड़ी जांच की गई।

  • कंपनियों का वारंटी सपोर्ट:

    मंत्रालय का कहना है कि अगर कार कंपनियां टेस्ट नतीजों से संतुष्ट न होतीं, तो वे कभी E20 का समर्थन नहीं करतीं और न ही गाड़ियों पर वारंटी देतीं। आज लगभग सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां नई और पुरानी गाड़ियों पर E20 ईंधन के इस्तेमाल के बावजूद वारंटी दे रही हैं।


Why You Can't Choose Between Pure Petrol, E10, and E20: Petroleum Ministry Explains

पेट्रोल पंप
– फोटो : संवाद


क्या E20 से गाड़ियों के माइलेज पर कोई असर पड़ता है?

मंत्रालय ने इस सच्चाई को स्वीकार किया है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से माइलेज पर मामूली असर पड़ता है, लेकिन साथ ही जमीनी आंकड़े भी पेश किए:

  • 3 से 5% तक माइलेज में गिरावट:

    सरकार ने माना कि कुछ वाहनों में ईंधन की दक्षता 3-5% तक कम हो सकती है। लेकिन सरकार का तर्क है कि माइलेज गाड़ी की ओवरऑल परफॉर्मेंस का महज एक हिस्सा है। जबकि इसके बदले मिलने वाले फायदे (जैसे बेहतर पिकअप और कम प्रदूषण) बहुत बड़े हैं।

  • करोड़ों गाड़ियों की सर्विसिंग का जमीनी सच:

    इंडस्ट्री के प्रामाणिक आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने बताया कि देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की।

    • यानी इन गाड़ियों में 1.5 करोड़ गाड़ियां ऐसी थीं जो पुरानी थीं और E20-सर्टिफाइड नहीं थीं। इसके बावजूद, एक भी गाड़ी में E20 ईंधन की वजह से जंग, असामान्य घिसावट या किसी पार्ट के खराब होने की शिकायत नहीं मिली। देश की बड़ी टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने फील्ड एक्सपीरियंस में बिल्कुल ऐसा ही दावा किया है। सरकार के अनुसार यह वास्तविक सबूत किसी भी सुनी-सुनाई कहानी से कहीं अधिक विश्वसनीय है।


Why You Can't Choose Between Pure Petrol, E10, and E20: Petroleum Ministry Explains

Petrol Pump
– फोटो : Adobe stock


पंपों पर तीनों विकल्प देना क्यों नामुमकिन है?

मंत्रालय ने उन सुझावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि पेट्रोल पंपों पर प्योर पेट्रोल, E10 और E20 तीनों एक साथ मिलने चाहिए। इसकी वजहें इस प्रकार हैं:

  • विशाल और जटिल नेटवर्क:

    भारत में 1 लाख से अधिक ईंधन रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) हैं, जो रिफाइनरियों, टर्मिनलों, डिपो और पाइपलाइनों से जुड़े हैं।

    • यानी इस सिस्टम को बड़े पैमाने पर ईंधन के सुचारू वितरण के लिए डिजाइन किया गया है। अगर तीन समानांतर ईंधन धाराएं चलाई गईं, तो लॉजिस्टिक्स का खर्च आसमान छुएगा, इन्वेंट्री संभालना मुश्किल होगा और कार्यकुशलता घट जाएगी।

  • प्रीमियम पेट्रोल से तुलना गलत:

    मंत्रालय ने कहा कि सामान्य पेट्रोल की तुलना प्रीमियम पेट्रोल से करना गलत है। प्रीमियम पेट्रोल कोई अलग बेस ईंधन नहीं होता, बल्कि उसमें सिर्फ कुछ खास एडिटिव्स मिलाए जाते हैं। जबकि ये तीनों ईंधन बिल्कुल अलग बेस स्ट्रीम हैं।

  • ₹1 लाख करोड़ सालाना का दांव:

    इस पूरे इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के बुनियादी ढांचे और उत्पादन के लिए सरकारी बैंक हर साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का फाइनेंस दे रहे हैं।

    • यानी अगर सरकार अब कदम पीछे खींचती है और दोबारा कम इथेनॉल वाले ईंधन की तरफ जाती है, तो हमारे किसानों, सहकारी समितियों, उद्यमियों और वित्तीय संस्थानों द्वारा किया गया भारी-भरकम निवेश बर्बाद हो जाएगा।

सरकार के मुताबिक, यह इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण की सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों का एक बेहतरीन संतुलन है।

 


Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Up:जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, सरकार ने जारी किया आदेश; ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था – Up: Preparations Underway To Extend The Tenure Of District Panchayat Presidents And Block Pramukhs; Order Like

Spain Vs Belgium Quarter-final Live:स्पेन-बेल्जियम के बीच मुकाबला जारी, दोनों की नजरें पहले हाफ में बढ़त पर – Spain Vs Belgium Live Fifa World Cup 2026 Quarter-final Football Match Result Updates

Wimbledon 2026:सिनर ने जोकोविच को हराकर लगातार दूसरे फाइनल में बनाई जगह, खिताबी मुकाबले में ज्वेरेव से टक्कर – Wimbledon 2026: Jannik Sinner Defeats Novak Djokovic To Reach Second Consecutive Final

‘मुझे कुछ हुआ तो ऐसी बमबारी होगी…’:ट्रंप ने फिर जताई अपनी हत्या की आशंका, ईरान को धमकी में क्या-क्या कहा? – Trump Says He Has “left Instructions” To Strike Iran If He Is Assassinated

बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी:cctv फुटेज में नोटों की गड्डी के साथ दिखा आरोपी कर्मचारी, मोबाइल के नीचे छिपाई थी रकम – Badrinath Donation Scam Cctv Footage Shows Accused Employee With Wads Of Currency Notes

Exclusive:‘शाहरुख रोमांस के बाप हैं’, फरहाद सामजी ने बताया कैसे देते थे नरेशन? रोहित शेट्टी पर किया खुलासा – Farhad Samji Exclusive Interview Talks About Shah Rukh Khan Rohit Shetty Chennai Express Singham Narration

Leave a Comment