लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

एक तरफ दुनियाभर में तेल के आसमान छूते दाम से हड़कंप, दूसरी तरफ चीन ने ‘आपदा को बनाया अवसर’

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Chin Iran Oil Deal: कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच जब वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे समय में “आपदा में अवसर” कैसे बनाया जाता है, यह चीन की रणनीति से समझा जा सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने की आशंका ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है और बड़े ऊर्जा संकट के संकेत मिल रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर चीन इस स्थिति का लाभ उठाने की तैयारी में है.

आपदा में अवसर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल संकट को देखते हुए अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में आंशिक राहत दी है. अमेरिका ने 30 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए ईरान को सीमित रूप से तेल बेचने की अनुमति दी है. इसके बाद चीन की सरकारी तेल कंपनियां इस अवसर का फायदा उठाते हुए ईरान से तेल खरीद के लिए नए समझौतों पर विचार कर रही हैं.

चीन की ओर से ईरान के साथ संभावित तेल सौदा ऐसे समय पर हो रहा है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. इस अस्थायी राहत के बाद एशियाई खरीदारों के लिए उम्मीद की एक किरण जगी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की रिफाइनरियों ने ईरान के साथ बातचीत शुरू कर दी है, हालांकि यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है. वहीं, ईरान की तेल कंपनियां भी बिचौलियों के माध्यम से एशियाई रिफाइनरियों से संपर्क कर अपने निर्यात के विकल्प तलाश रही हैं.

सबसे बड़ा खरादीर चीन

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन ही रहा है. ऐसे में अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के बाद ईरान के तेल बाजार में खरीदारों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे प्रतिस्पर्धा भी तेज होगी. सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है. हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह संभावित डील चीन के लिए तीन स्तरों पर अहम होगी. पहला, कीमतों का संतुलन बनाए रखना; दूसरा, ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना; और तीसरा, इससे जुड़े राजनीतिक जोखिमों का प्रबंधन करना.

ये भी पढ़ें: उछलते तेल के दाम और डॉलर की मजबूती के आगे कराह रहा रुपया, टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment