अमेरिका में भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। अमेरिकी संघीय ग्रैंड जूरी ने एक जुलाई को नौ आरोपों वाला अभियोग दायर किया है। आरोपपत्र में पंजाब के 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई पर भारत में लंबे समय से जेल में रहते हुए भी कई देशों में फैले आपराधिक गिरोह का संचालन करने का आरोप लगाया गया है।
अभियोग के अनुसार, बिश्नोई ने अपने शुरुआती दौर में खुद को छात्र नेता के रूप में पेश किया, लेकिन बाद में राजनीति छोड़कर अपराध की दुनिया में उतर गया। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पोस्ट और समाचार संस्थानों को दिए इंटरव्यू के जरिए खुद की छवि एक देशभक्त, राष्ट्रवादी और धार्मिक व्यक्ति के रूप में बनाई और इसी छवि का इस्तेमाल भारत, अमेरिका तथा अन्य देशों में अपने गिरोह के लिए नए सदस्यों और सहयोगियों को जोड़ने में किया।
लॉरेंस बिश्वोई पर अमेरिका ने लगाए क्या आरोप?
आरोपपत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक छवि से अलग बिश्नोई जेल के भीतर से ही एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता था। उसके बारे में आरोप है कि वह जेल में तस्करी के जरिए पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित संचार उपकरणों (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर अपने सहयोगियों को राजनीतिक हत्याओं, हत्या, फायरिंग, रंगदारी, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अन्य अपराधों के निर्देश देता था।
अमेरिकी दस्तावेज के अनुसार, कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई के इस कथित आपराधिक नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा को बताया प्रमुख सहयोगी
अभियोग में कहा गया है कि संगठन के रोजमर्रा के संचालन के लिए बिश्नोई ने अपने भरोसेमंद सहयोगियों को जिम्मेदारी सौंप रखी थी। इनमें पंजाब निवासी 32 वर्षीय सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को उत्तरी अमेरिका, राजस्थान के 37 वर्षीय रोहित गोदारा को यूरोप और पंजाब के 58 वर्षीय सुखराज सिंह कांग को संगठन का प्रमुख सहयोगी बताया गया है।
अभियोजकों के अनुसार, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा बिश्नोई की ओर से फैसले लेते थे। इसके साथ ही अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों का संचालन करते थे।
कई देशों में डर का माहौल बनाकर रंगदारी का आरोप
आरोपपत्र के मुताबिक, यह गिरोह जिन देशों में सक्रिय था, वहां हिंसक घटनाओं को अंजाम देकर लोगों में भय का माहौल बनाता था। विशेष रूप से भारत और दुनिया के विभिन्न देशों में बसे भारतीय समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूली जाती थी। गिरोह अपनी हिंसक वारदातों और आपराधिक गतिविधियों का प्रचार ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी करता था।
कनाडा में हत्या का आदेश देने का आरोप
अमेरिकी अभियोग में सबसे गंभीर आरोपों में से एक पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता, जिन्हें अदालत के दस्तावेजों में केवल “एच.एस.एन.” कहा गया है, की हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने इस हत्या का आदेश दिया था। दस्तावेज के अनुसार, 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक सिख मंदिर से बाहर निकलते समय दो हमलावरों ने एच.एस.एन. की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह मामला हरदीप सिंह निज्जर के हत्याकांड से जुड़ा माना जा रहा है।
अभिनेता के घर पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का भी आरोप
अभियोग में कहा गया है कि संगठन प्रमुख धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाता था ताकि समुदाय में भय पैदा किया जा सके और रंगदारी वसूली जा सके। दस्तावेज के मुताबिक, नवंबर 2023 में कनाडा के वैंकूवर में एक प्रमुख भारतीय अभिनेता और गायक के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी बिश्नोई ने ली थी। आरोप है कि उसने पंजाबी भाषा में फेसबुक पोस्ट कर धमकी दी थी कि “कोई भी तुम्हें हमसे नहीं बचा सकता।”
अमेरिका में भी रंगदारी मांगने का आरोप
अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और अन्य आरोपियों ने व्हाट्सएप तथा अन्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के जरिए लोगों और उनके परिवारों को हिंसा की धमकी देकर रंगदारी वसूली। आरोपपत्र के अनुसार, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में लॉस एंजिलिस और थाउजेंड ओक्स के पीड़ितों से पांच मिलियन डॉलर की रंगदारी मांगने की कोशिश की गई थी।
ड्रग्स तस्करी से जुटाया जाता था धन
अभियोग में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरोह अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करता था और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से ड्रग्स की खेप भी लूटता था। दस्तावेज के अनुसार, नवंबर 2024 में बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने 49 किलोग्राम कोकीन की उस खेप की निगरानी की थी, जिसे अमेरिका के रेडलैंड्स में जब्त किया गया। यह खेप लंबे रूट वाले ट्रकों के जरिए अमेरिका से कनाडा भेजी जानी थी।
इसके अलावा आरोप है कि मार्च 2024 से जुलाई 2025 के बीच बिश्नोई गिरोह ने लॉस एंजिलिस क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी ड्रग तस्कर गिरोहों से लगभग 520 किलोग्राम कोकीन लूट ली थी।


