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महज डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश से पूरा गुरुग्राम तालाब में तब्दील हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक, हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आया। बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे निर्माण कार्य भी मुसीबत का कारण बने। इन अधूरे निर्माण कार्यों के कारण शहर में जगह-जगह वाहन चालक फंसे नजर आए।

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हाईवे पर धंसी सड़क
– फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 12 किलोमीटर लंबा जाम
एनएच-48 पर सनबीम कंपनी के पास मुख्य सड़क का एक हिस्सा धंसने से दो लेन बंद करनी पड़ीं। इसके चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 10 से 12 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों पर पड़ा। छुट्टी के वक्त हुई इस बारिश के कारण बच्चे और अभिभावक घंटों सड़कों पर फंसे रहे। बादशाहपुर सहित कई सोसाइटियों और निचले इलाकों में पानी लोगों के ड्राइंग रूम तक घुस गया। इस अव्यवस्था ने मिलेनियम सिटी के स्मार्ट होने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्यूरो

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हाईवे पर लगा जाम
– फोटो : अमर उजाला
डेढ़ घंटे की बारिश में डूब गई मिलेनियम सिटी
मंगलवार को हुई मात्र डेढ़ घंटे की बारिश ने मिलेनियम सिटी (गुरुग्राम) की रफ्तार रोक दी। शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव के कारण लोगों को घुटनों तक पानी से गुजरना पड़ा और कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। सबसे गंभीर स्थिति दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर रही, जहां हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक मुख्य सड़क पानी में डूब गई। सनबीम कंपनी के पास जीएमडीए द्वारा ट्रेंचलेस पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा है। ट्रेंचलेस पाइपलाइन में बारिश का पानी आने के कारण सड़क धंस गई, जिसके बाद पुलिस को हाईवे की दो लेन बंद करनी पड़ीं। इसके कारण हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जलभराव का मुख्य कारण एनएचएआई द्वारा सर्विस रोड को कंक्रीट से ऊंचा बनाना रहा, जिससे पानी मुख्य हाईवे पर आ गया। इसके अलावा, द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-102 अंडरपास को भी जलभराव के कारण बंद करना पड़ा।

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जलभराव से वाहन चालक परेशान
– फोटो : अमर उजाला
कॉलोनी से सेक्टरों में जलभराव
दूसरी ओर बारिश के दौरान शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, राम नगर, देवीलाल कॉलोनी, गांधी नगर, शक्ति पार्क, बसई एन्क्लेव, पटेल नगर, सेक्टर-4, 5, 21, 22, 40, पालम विहार, सुशांत लोक, सनसिटी तथा न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-55 और 56 सहित कई इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई कॉलोनियों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की प्रमुख सड़कों पर भी हालात खराब रहे। राजीव चौक, सेक्टर-15, सब्जी मंडी, हीरो होंडा चौक, नरसिंहपुर सर्विस रोड, बसई रोड, पटौदी रोड, नेहरू स्टेडियम रोड और उमंग भारद्वाज मार्ग समेत कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात बाधित रहा। एक बार फिर बारिश ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नगर निगम और जीएमडीए की जल निकासी व्यवस्था क्यों हर बरसात में जवाब दे जाती है। हर मानसून की तरह इस बार भी लोगों को जलभराव, जाम और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों का खामियाजा भुगतना पड़ा।

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बारिश में रेंगती गाड़ियां
– फोटो : अमर उजाला
अधूरे विकास कार्य बने मुसीबत
नगर निगम की ओर से चल रहे सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य भी लोगों के लिए मुसीबत बन गए। जगह-जगह खुदी सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन फंसते रहे। सिविल लाइंस रोड पर खुदाई वाले हिस्से में एक फॉच्यूनर धंस गई, जबकि गोल्फ कोर्स रोड से सेक्टर-53 सर्कल के पास टूटी सड़क में एक स्कूल बस का अगला हिस्सा धंस गया। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं। इसके अलावा जगह-जगह स्कूटी और वाहन पानी में फंस गए और लोगों को धक्के देने पड़े।

