सुबह जब लोगों की आंख खुली तो चारों ओर तबाही का मंजर था। सड़कों पर मलबा फैला हुआ था, कई वाहन मिट्टी और पत्थरों के नीचे दबे पड़े थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वाहन तेज बहाव में बहकर चिनाब नदी तक पहुंच गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

फ्लैश फ्लड के कारण डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी ठठरी के पास बंद हो गया, जिससे दोनों जिलों के बीच यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाकर सड़क को खोलने का काम शुरू किया।
डिप्टी कमिश्नर डोडा कृष्ण लाल ने बताया कि जिले में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए थे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित सड़कों को साफ कराया और यातायात बहाल किया।
उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि यह घटना क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) की नहीं, बल्कि भारी बारिश के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी जानकारी की पुष्टि जिला प्रशासन या कंट्रोल रूम से ही करें।
पिछले दो दिनों में डोडा और किश्तवाड़ जिलों में यह तीसरी फ्लैश फ्लड की घटना है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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