
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं. दौरे के पहले चरण में वह इंडोनेशिया पहुंचे, जहां राजधानी जकार्ता में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया. इससे पहले एक वीडियो सामने आया, जहां प्रधानमंत्री मोदी के विमान के इंडोनेशियाई एयर स्पेस में प्रवेश करने के समय से ही इंडोनेशियाई वायु सेना के लड़ाकू विमान उनके विमान के साथ थे.
#WATCH | PM @narendramodi just landed in Jakarta. He was accorded a warm welcome by Indonesia.
President Prabowo Subianto welcomed him at the airport.
यह भी पढ़ेंDeepika Padukone-Ranveer Singh के घर फिर गूंजेगी किलकारी, दूसरी बार बनने जा रहे हैं ParentsFighter jets from the Indonesia Air Force accompanied PM’s plane from the time PM entered their air space.@MEAIndia… pic.twitter.com/0RVFloYl7h
— DD News (@DDNewslive) July 6, 2026
दो दिवसीय यात्रा पर इंडोनेशिया में रहेंगे
पीएम मोदी 6 जुलाई से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे. इस दौरान वह दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने पर जोर देंगे. इसके अलावा, भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा अहम है. इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. यह प्रधानमंत्री का चौथा दौरा होगा और मई 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचने के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी.
भारत और इंडोनेशिया की पार्टनरशिप का दायरा केवल पारंपरिक रिश्तों तक सीमित नहीं है. इंडोनेशिया आज भारत को एक रणनीतिक साझेदार के रूप में नहीं, बल्कि तकनीक, नीतियों और विकास से जुड़े सफल मॉडल्स के एक भरोसेमंद सोर्स के रूप में भी देख रहा है. खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत के सफल सार्वजनिक नीतिगत मॉडल अब इंडोनेशिया के अपने विकास सफर के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनते जा रहे हैं.
इकोनॉमिक क्राइसिस से जूझता आतंकिस्तान, पाकिस्तान के आर्थिक संकट से कई बड़े प्रोजेक्ट्स ठप
क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट होगा मुमकिन
इंडोनेशिया अब डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता का फायदा उठा रहा हैं. प्रस्तावित यूपीआई-क्यूआरआईएस लिंकिंग से दोनों देशों के यात्रियों और व्यापारियों के लिए बिना रुकावट के (सीमलेस) क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट संभव हो सकेगा. इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही लेन-देन तेज, सस्ता और ज्यादा आसान हो जाएगा.
