‘मैं पहले जैसा खिलाड़ी नहीं रहा’
रोनाल्डो ने स्वीकार किया कि उम्र के साथ बदलाव आए हैं और वह पहले जैसे खिलाड़ी नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘मैं वह खिलाड़ी नहीं हूं जो पहले था, लेकिन मैं इतना भी खराब नहीं हूं।’ उन्होंने याद दिलाया कि इस विश्व कप में उनके नाम तीन गोल हैं। इनमें उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो और क्रोएशिया के खिलाफ एक पेनल्टी गोल शामिल हैं।
पत्रकारों से तीखी नोकझोंक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे बार-बार संन्यास और भविष्य को लेकर सवाल पूछे गए, तो रोनाल्डो कुछ नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मैं कब रुकूंगा, यह मैं तय करूंगा, आप नहीं। आप लोग हमेशा वही सवाल पूछते रहते हो।’ उन्होंने एक पत्रकार की ओर इशारा करते हुए मुस्कुराते हुए कहा, ‘मुझे पता है कि वह मुझे पसंद नहीं करता। मैं लोगों के चेहरे बहुत अच्छी तरह याद रखता हूं।’
‘फुटबॉल और जिंदगी में मैंने सब कुछ दिया’
रोनाल्डो ने भावुक अंदाज में कहा कि चाहे अगले मैच का नतीजा कुछ भी हो, उन्हें अपने करियर पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘स्पेन के खिलाफ जो भी हो, क्रिस्टियानो रोनाल्डो साफ अंतरात्मा के साथ जाएगा। मैं 100 नहीं, बल्कि 1000 प्रतिशत कह सकता हूं कि जिंदगी और फुटबॉल में मैंने अपना सब कुछ दे दिया।’
उम्र ने क्या सिखाया?
दुनिया के सबसे सफल फुटबॉलरों में गिने जाने वाले रोनाल्डो ने कहा कि उम्र ने उन्हें चीजों को अलग नजरिए से देखना सिखाया है। उन्होंने कहा, ’40 साल के बाद जो आलोचना मुझे मिली, उसके लिए मैं धन्यवाद कहता हूं। आलोचना ही आपको बेहतर बनाती है।’






