वारूरेवा नदी पुल के पास झाड़ियों में मिले एक अज्ञात शव की गुत्थी को नरसिंहपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए एक ऐसे हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसने पूरे जिले को चौंका दिया है। जिस व्यक्ति की लाश झाड़ियों में मिली थी, उसकी हत्या किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी ने ही अपने कथित प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला अपने तीसरे पति से छुटकारा पाकर प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। इसी उद्देश्य से पति की हत्या की पूरी पटकथा लिखी गई और उसे बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
30 जून की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित वारूरेवा नदी पुल के पास झाड़ियों में एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। शव के आसपास से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। शव की पहचान नहीं होने से पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की शिनाख्त थी। अगले दिन जांच के दौरान शव की पहचान नरसिंहपुर निवासी तुलसीराम मेहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसकी दिनचर्या, पारिवारिक रिश्तों और हाल के संपर्कों की जांच शुरू की।
ये भी पढ़ें- पुलिस का अनोखा मिशन: अब शातिर अपराधी नहीं, ‘लड्डू गोपाल’ की तलाश करेगी SIT; पूरा मामला कर देगा हैरान
पत्नी के बयान ने बढ़ाया शक
मृतक के परिजनों और परिचितों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि तुलसीराम और उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। जब पुलिस ने सरोज से पूछताछ की तो उसके बयान कई बार बदले। उसके हावभाव और जवाबों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। इसी बीच तकनीकी जांच में सामने आया कि सरोज लगातार महेन्द्र मेहरा निवासी पुरगवां के संपर्क में थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत और मुलाकात के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने जांच का पूरा फोकस इसी दिशा में कर दिया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार सरोज और महेन्द्र के बीच काफी समय से प्रेम संबंध थे। तुलसीराम को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी, जिसके कारण घर में आए दिन विवाद होता था। पुलिस का कहना है कि दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया था, लेकिन तुलसीराम उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन रहा था। इसके बाद पति की हत्या की साजिश तैयार की गई। पुलिस के मुताबिक, योजना इतनी सुनियोजित थी कि हत्या के बाद मामला सामान्य अज्ञात हत्या या दुर्घटना जैसा दिखाई दे। इसके लिए वारदात की जगह भी पहले से तय की गई।
तीसरे आरोपी ने निभाई अहम भूमिका
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने अपने परिचित विष्णू रजक को भी शामिल किया। उसकी जिम्मेदारी थी कि वह तुलसीराम को बिना शक पैदा किए वारूरेवा नदी पुल तक लेकर आए। घटना वाले दिन विष्णू ने तुलसीराम को शराब पीने का लालच दिया और उसे अपने साथ पुल के पास ले गया। वहां पहले से महेन्द्र मौजूद था। तीनों ने कुछ देर तक शराब पी। जैसे ही तुलसीराम नशे में हुआ, दोनों आरोपियों ने मिलकर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। मौत की पुष्टि होने के बाद शव को पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी ने खोला राज
हत्या के बाद आरोपियों को लगा कि पुलिस किसी सुराग तक नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मृतक और संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन तथा कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों से तीनों आरोपियों की लोकेशन घटना के समय एक ही स्थान पर मिली।
इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में तीनों के बयान आपस में मेल नहीं खाए। जब तकनीकी साक्ष्य सामने रखे गए तो आरोपी टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, कई पहलुओं की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी सरोज मेहरा, उसके कथित प्रेमी महेन्द्र मेहरा और सहयोगी विष्णू रजक को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब से बनाई जा रही थी और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को बेहद कम समय में सुलझाया। जांच में निरीक्षक गौरव चाटे, उप निरीक्षक आशीष बोपचे, मूलचंद यादव, प्रधान आरक्षक कलावती, शैलेंद्र तिवारी सहित पुलिस टीम और नगर रक्षा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


