ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक विदेशी कंटेनर जहाज फंस गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे रोका गया।
रिवोल्यूशनरी गार्ड के निर्देशों का पालन अनिवार्य
सरकारी टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि फंसा हुआ जहाज एक विदेशी कंटेनर जहाज है। हालांकि, उसकी पहचान, झंडे या मालिकाना हक को लेकर तत्काल कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) द्वारा जारी समुद्री निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि तय मार्ग से हटने पर कार्रवाई की जा सकती है।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच घटना
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक अंतरिम समझौते के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई थी।
कहां हो रहा नया समुद्री मार्ग खोलने की पहल?
इसी बीच, सप्ताहांत में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया, जब ओमान तथा संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी ने ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग खोलने की कोशिश की। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ा दी है।
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कब से शुरु हुआ होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य होने की प्रक्रिया 17–18 जून 2026 से शुरू हुई। अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान ने समुद्री यातायात बहाल करने पर सहमति जताई और 18 जून से पहले तेल टैंकर तथा LNG जहाज इस मार्ग से गुजरने लगे। हालांकि, इसके बाद भी क्षेत्रीय तनाव के कारण कुछ समय के लिए फिर व्यवधान आया और कई शिपिंग कंपनियां सतर्क रहीं। इसके बावजूद जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत तक तेल टैंकरों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंचने लगी, जबकि अन्य व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

