मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवारत शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन करने की घोषणा की है। इससे प्रदेश के करीब 1.80 शिक्षकों को राहत मिलेगी। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा। सीएम ने मंगलवार को आगामी 2 जुलाई से 4 जुलाई तक 60 जिलों में आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी है। इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। लिहाजा परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती हो।
सीएम ने कहा कि गोपनीय परीक्षा सामग्री के भंडारण, परिवहन तथा परीक्षा के बाद आयोग तक उसे सुरक्षित भेजने की पूरी प्रक्रिया उच्च सुरक्षा मानकों के मुताबिक होनी चाहिए। सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर अफवाह, भ्रामक अथवा गलत सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करें। परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है।
किसी भी अभ्यर्थी को आवागमन, प्रवास, सुरक्षा आदि में कठिनाई न हो। परीक्षा देने बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अन्य राज्यों से भी आएंगे, ऐसे में उनकी सहायता की जाए। उन्हें अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। तीनों दिन प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए। खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ने पाएं। सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र और जिलों के कंट्रोल रूम सक्रिय रहे। किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो। डीएम एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराएं।