भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में सुस्ती का माहौल रहा। मासिक एक्सपायरी के दिन बाजार में अस्थिरता देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
सेंसेक्स और निफ्टी के अंतिम आंकड़े क्या रहे?
कारोबार के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.32 प्रतिशत टूटकर 76,478.67 के स्तर पर बंद हुआ।
- वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,865.75 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गया है।
सेक्टोरल इंडेक्स में कहां हुई बिकवाली और कहां दिखी खरीदारी?
बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ा दबाव आईटी सेक्टर से आया।
- निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
- प्रमुख शेयरों की बात करें तो, आयशर मोटर्स के शेयरों में 4 प्रतिशत और एचसीएल टेक में तीन प्रतिशत की गिरावट आई।
- दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स दोनों इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को थोड़ा समर्थन मिला।
क्या बड़े शेयरों की तुलना में छोटे शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया?
भले ही बेंचमार्क इंडेक्स ने अपनी गति खो दी, लेकिन व्यापक बाजारों में शानदार हरियाली देखने को मिली।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक का उछाल आया।
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने भी लगभग 0.4 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।
- बाजार की गहराई सकारात्मक रही। एनएसई पर कुल 1,919 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,383 शेयर नुकसान में रहे और 109 शेयरों की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजारों का क्या रुख रहा?
मुद्रा बाजार में भी विदेशी मुद्रा के सामने भारतीय मुद्रा में कमजोरी दिखी। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे कमजोर होकर 94.65 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो मिला-जुला असर देखने को मिला:
- जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत और टोपिक्स 0.7 प्रतिशत की बढ़त पर रहे।
- शंघाई कंपोजिट में 0.2 प्रतिशत की तेजी आई और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत चढ़े।
- दूसरी तरफ, हांगकांग के हैंग सेंग में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई।
- एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 लगभग स्थिर स्थिति में रहे।
मासिक एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स में दबाव साफ नजर आया, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों का मजबूत रुझान एक सकारात्मक संकेत है। मुख्य रूप से आईटी सेक्टर की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने बाजार को नीचे की ओर खींचा। अब देखना होगा कि अगले कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार वैश्विक संकेतों पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।


