पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को CID को निर्देश दिया कि वह बीजेपी कार्यकर्ता प्रशांत डे की हत्या के मामले में FIR में नामजद सभी 51 आरोपियों को गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि राज्य में अब कानून का राज है और वोट बैंक या धर्म के नाम पर किसी भी दोषी को नहीं बचाया जाएगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि आरोपियों की पुलिस कस्टडी के दौरान ही चार्जशीट दाखिल की जाए, मुकदमे की प्रक्रिया शुरू हो और कानून के प्रावधानों के अनुसार उन्हें सजा दिलाई जाए।
Justice for Tamanna is our priority and we are delivering on our promise.
I express satisfaction and appreciate the Krishnanagar District Police Personnel for their prompt and lawful action in this case.
Following my meeting with Tamanna’s grieving Mother, the Police have acted…
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 27, 2026
पीड़ित परिवार के लिए सहायता का एलान
मुख्यमंत्री ने प्रशांत डे के परिवार को पांच लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा पहले से दी गई चार लाख रुपये की मदद के अतिरिक्त होगी। इसके अलावा मृतक की बहन को संविदा के आधार पर सरकारी नौकरी देने का भी एलान किया गया।
परिवार से मुलाकात और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
हावड़ा के बागनान स्थित प्रशांत डे के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देने और परिजनों से मुलाकात करने के बाद अधिकारी ने स्थानीय पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आईजी, डीआईजी, एसपी और जिला मजिस्ट्रेट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बाकी 41 आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि FIR में नामजद 51 आरोपियों में से अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने CID को निर्देश दिया कि बाकी 41 आरोपियों का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मैंने CID को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाकी 41 आरोपी चाहे पाताल में ही क्यों न छिपे हों, उन्हें ढूंढकर गिरफ्तार किया जाए। आरोपियों की कस्टडी के दौरान ही चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए और उसी दौरान मुकदमे की सुनवाई शुरू होनी चाहिए। दोषी पाए जाने पर उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत सख्त सज़ा मिलनी चाहिए।
SIT करेगी जांच, विशेष लोक अभियोजक की होगी नियुक्ति
अधिकारी ने बताया कि CID की 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि BNS के तहत अधिकतम सज़ा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष लोक अभियोजक भी नियुक्त किया जाएगा।
‘राज्य में अब कानून का राज है’
उन्होंने कहा कि अपराधियों का मनोबल इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें पहले कभी कड़ी सजा नहीं मिली। पहले राज्य में शासकों की मर्जी से कानून चलता था, लेकिन अब कानून का राज स्थापित किया गया है। हत्यारों को जल्द सजा दिलाई जाएगी और ऐसी मिसाल कायम की जाएगी कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।
17 जून को हुई थी प्रशांत डे की हत्या
बागनान मंडल-5 के अंतर्गत बूथ संख्या 197 के बीजेपी उपाध्यक्ष प्रशांत डे (39) की 17 जून को कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि चुनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव के बाद यह घटना हुई। परिवार का आरोप है कि एक सामाजिक कार्यक्रम में जाते समय उन पर हमला किया गया। हमले में प्रशांत डे के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें बागनान ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना में तीन अन्य बीजेपी कार्यकर्ता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस मामले का मुख्य आरोपी स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता मफिजुल रहमान है, जो अब भी फरार है।
अवैध संपत्तियों की भी होगी जांच
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को आरोपियों की कथित गैरकानूनी गतिविधियों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इनमें जबरन जमीन कब्जाने, अवैध कमाई से बिना अनुमति संपत्ति बनाने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जांच शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इन मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वोट बैंक की राजनीति पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति और धार्मिक कारणों से ऐसे अपराधी लंबे समय तक कानून की पकड़ से बचते रहे। उन्होंने कहा कि यह हत्या इलाके में लंबे समय से चल रही आपराधिक गतिविधियों और अपराधियों के बेखौफ होने का उदाहरण है।
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2021 की चुनावी हिंसा का भी किया जिक्र
अधिकारी ने वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा और बागनान में एक मूक-बधिर महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है।

